वोट चोरी नहीं, चोरों को वोट मिलना बंद हो गया है; एस. आई. आर. मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण की प्रक्रिया है: अनुराग ठाकुर

वोट चोरी नहीं, चोरों को वोट मिलना बंद हो गया है; एस. आई. आर. मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण की प्रक्रिया है: अनुराग ठाकुर
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चंडीगढ़, 3 नवंबर । भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने आज चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में SIR (Special Intensive Revision) अर्थात मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों का तथ्यों, आंकड़ों और तीखे राजनीतिक तर्कों के साथ जवाब दिया।
इस अवसर पर उनके साथ भाजपा चंडीगढ़ प्रदेश अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा, प्रदेश महामंत्री रामवीर भट्टी, प्रदेश मीडिया प्रभारी कैलाश चंद जैन तथा मीडिया विभाग के संयोजक रवि रावत और मुख्य प्रवक्ता धीरेन्द्र तायल उपस्थित रहे।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि SIR का उद्देश्य किसी भी पात्र नागरिक का मताधिकार छीनना नहीं, बल्कि देश की मतदाता सूचियों को शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है। विपक्ष द्वारा इसे वोट चोरी बताना पूरी तरह तथ्यों से परे है। उन्होंने तीखे अंदाज में कहा कि “यह वोट चोरी नहीं, बल्कि चोरों को वोट मिलना बंद हो गया है।”

13.39 करोड़ का आंकड़ा क्या कहता है?

अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाकर देश में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि मतदाता सूची में मृत व्यक्तियों, स्थायी रूप से स्थान बदल चुके लोगों, अनुपस्थित मतदाताओं तथा एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नामों का सत्यापन निर्वाचन प्रक्रिया का आवश्यक हिस्सा है।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार SIR के तीन चरणों में लगभग 95.40 करोड़ मतदाताओं के रिकॉर्ड की समीक्षा की गई। इसमें कुल 13.39 करोड़ मतदाताओं को ASDD (Absent, Shifted, Dead and Duplicate) तथा अन्य श्रेणियों में चिह्नित किया गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ये आंकड़े प्रारंभिक सत्यापन के दौरान चिह्नित प्रविष्टियों का वर्गीकरण हैं, न कि अंतिम मतदाता सूची से हटाए गए नामों की संख्या। दावे एवं आपत्तियों की प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं को अपना नाम शामिल करवाने का अवसर भी दिया जाता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी व्यक्ति का निधन हो चुका है, कोई व्यक्ति स्थायी रूप से अपना निवास बदल चुका है या एक ही व्यक्ति का नाम कई स्थानों पर दर्ज है, तो ऐसी प्रविष्टियों को मतदाता सूची में बनाए रखने का क्या औचित्य है?

सभी दलों के BLA-2 नियुक्त थे, फिर शिकायतें क्यों नहीं आईं?

SIR पर विपक्ष के आरोपों को चुनौती देते हुए ठाकुर ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों ने अपने-अपने BLA-2 (Booth Level Agent-2) नियुक्त किए हुए थे। यदि मतदाता सूचियों में इतनी बड़ी संख्या में गड़बड़ियां थीं, तो इन राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने समय रहते शिकायतें क्यों नहीं कीं?
उन्होंने सवाल किया कि जब सभी दलों के BLA-2 बूथ स्तर पर मौजूद थे, तो वे क्या कर रहे थे? अब जब निर्वाचन आयोग मतदाता सूचियों का शुद्धिकरण कर रहा है, तब कांग्रेस और विपक्षी दल वोट चोरी का आरोप लगाकर राजनीतिक भ्रम फैलाने में जुटे हैं।

SIR से नए मतदाताओं को भी मिल रहा है अवसर

अनुराग ठाकुर ने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण केवल पुरानी प्रविष्टियों की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य नए पात्र मतदाताओं को भी सूची में शामिल करना है। 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके प्रत्येक पात्र नागरिक को अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करवाने का अधिकार है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है। किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम त्रुटिवश सूची से छूटने पर उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नाम शामिल करवाने का पूरा अवसर मिलना चाहिए।

पंजाब में SIR के आंकड़े भी महत्वपूर्ण

पंजाब में SIR के दौरान मतदाता सूची में हुए बदलाव का विवरण देते हुए बताया गया कि निर्वाचन आयोग द्वारा प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार:

– SIR से पहले पंजाब में कुल मतदाता लगभग 2.15 करोड़ थे।
– 13 अगस्त 2026 को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची में यह संख्या 1,93,94,435 रह गई।
– 12 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में यह संख्या बढ़कर 2,01,00,727 हो गई।
– ड्राफ्ट सूची की तुलना में अंतिम सूची में लगभग 7.06 लाख मतदाताओं की शुद्ध वृद्धि हुई।
– अंतिम सूची में 1,03,76,026 पुरुष, 97,24,195 महिला और 506 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि दावे एवं आपत्तियों की प्रक्रिया के माध्यम से मतदाता सूची में संशोधन किया गया और पात्र मतदाताओं के नाम भी शामिल किए गए।
इस अवसर पर भाजपा चंडीगढ़ प्रदेश अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा ने चंडीगढ़ में SIR की प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान चंडीगढ़ के प्रत्येक पात्र नागरिक को अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करवाने का बार-बार अवसर दिया गया।
उन्होंने कहा कि SIR का उद्देश्य किसी भी पात्र नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित करना नहीं, बल्कि मतदाता सूची में मौजूद गलतियों, डुप्लीकेट प्रविष्टियों और अपात्र नामों को नियमानुसार ठीक करना है।
जतिंदर पाल मल्होत्रा ने कहा कि चंडीगढ़ में नए मतदाताओं के पंजीकरण, छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करवाने तथा मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि को दूर करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत बार-बार अवसर उपलब्ध करवाए गए। इसके बावजूद यदि कोई पात्र नागरिक अपना नाम दर्ज करवाने से वंचित रह गया है, तो वह निर्वाचन आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर सकता है।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और प्रत्येक पात्र नागरिक की भागीदारी लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है। सभी राजनीतिक दलों को इस संवैधानिक प्रक्रिया में सहयोग करना चाहिए।

इंदिरा गांधी के चुनाव का उदाहरण देकर कांग्रेस पर हमला

कांग्रेस के वोट चोरी के आरोपों पर पलटवार करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि वोट चोरी का सबसे बड़ा उदाहरण कांग्रेस के शासनकाल में देखने को मिला, जब पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के चुनाव को न्यायालय द्वारा निरस्त किया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सबसे अधिक सवाल कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार के शासनकाल में उठे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में निर्वाचन आयोग और निर्वाचन आयुक्तों की स्वतंत्रता पर सवाल उठते थे तथा उन पर राजनीतिक दबाव और प्रभाव के आरोप लगते थे। आज निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था के रूप में काम कर रहा है, लेकिन कांग्रेस अपनी राजनीतिक हताशा के चलते संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े कर रही है।

राहुल गांधी को बताया ‘कन्फ्यूज us’

राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि चीन में कन्फ्यूशियस नाम के एक चीनी विद्वान हुए हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि एक ओर कन्फ्यूशियस महान विद्वान थे, वहीं दूसरी ओर राहुल गांधी को कांग्रेस के लोग ही कन्फ्यूज us कहने लगे हैं।
उन्होंने राहुल गांधी की रैलियों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी रैलियों में बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन वास्तविकता में उतनी संख्या में लोग नहीं पहुंचते। दस लाख की भीड़ जुटाने के दावे किए जाते हैं, जबकि 50 हजार की संख्या भी पूरी नहीं हो पाती।
अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी की राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि विदेशी पैसा, विदेशी मित्र और विदेशी ताकतों के सहारे देश की राजनीति में भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने एक तीखा राजनीतिक कटाक्ष करते हुए कहा कि “जहां-जहां राहुल गांधी के चरण पड़ते हैं, वहां-वहां कांग्रेस साफ हो जाती है।”
पंजाब सरकार के संबंध में पूछे गए एक सवाल के जवाब में अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने के बजाय उनका शोषण कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ किए जा रहे व्यवहार को लेकर राज्य सरकार को जवाब देना चाहिए।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए मतदाता सूचियों को अद्यतन एवं त्रुटिरहित रखना उसकी जिम्मेदारी है।
उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह तथ्यों और संवैधानिक प्रक्रियाओं के आधार पर अपनी आपत्तियां रखे, न कि अपुष्ट आरोपों के माध्यम से जनता में भ्रम पैदा करे। लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची की शुद्धता और निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सभी राजनीतिक दलों का विश्वास और सहयोग आवश्यक है।

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