चण्डीगढ़ । यूटी. पावरमैन यूनियन चंडीगढ़ ने चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा सीपीडीएल (CPDL) में काम कर रहे बिजली कर्मियों पर एस्मा (ESMA) लगाने की कड़ी निन्दा की है तथा इसे निजी कम्पनी के कर्मचारियों की जायज़ माँगों को लागू करने की बजाय कर्मचारियों की आवाज़ दबाने का घिनौना कदम बताया तथा चेतावनी दी कि सरकार तथा कम्पनी अपने इस अलोकतांत्रिक कदम से कर्मचारियों की आवाज़ दबाने में सफल नहीं होंगे। बल्कि जुल्म, ज्यादती, हैरेसमेंट व हुमिलिएशन तथा तानाशाही के खिलाफ आवाज और भी बुलन्द होगी। यह ऐलान आज यहाँ औद्योगिक क्षेत्र स्थित कार्यालय में हुई गेट मीटिंग में किया गया।
गेट मीटिंग को सम्बोधित करते हुए यूनियन के महासचिव गोपालदत्त जोशी, प्रधान, अमरीक सिंह, उपप्रधान गुरमीत सिंह, सहसचिव वीरेंद्र सिंह, विनय प्रसाद व टेकराज ने चण्डीगढ़ प्रशासन व सीपीडीएल (CPDL) की तीखी निन्दा करते हुए आरोप लगाया कि एक तरफ चण्डीगढ़ प्रशासन बिना सेवा शर्त व स्टेट्स तय किये कर्मचारियों को निजी कम्पनी में धकेल कर आज भी अपनी जिम्मेवारी से भाग रहा है, दूसरी तरफ सीपीडीएल के स्थानीय अधिकारी माँगों व समस्याओं का ठोस हल निकालने व समाधान करने की बजाय, विभाग से रिटायर हुए पहले ही बदनाम अधिकारियों को आगे कर कर्मचारियों को प्रताड़ित कर रहे हैं तथा हर स्तर पर उनकी तोहिन कर रहे है जो कर्मचारियों की ड्यूटी भी नहीं है उसे करने के लिए दबाव बना रहे हैं तथा सुरक्षा नॉर्म की भी अनदेखी की जा रही है। ये अधिकारी कम्पनी से मोटा वेतन भी ले रहे हैं तथा कई किस्म की धांदलियो में भी सम्मिलित हैं तथा कर्मचारियों को तंग परेशान कर अपनी कुर्सियाँ पक्की कर कम्पनी का भी भारी वित्तीय नुकसान कर रहे हैं।
यूनियन के पदाधिकारियों ने सीपीडीएल (CPDL) के केन्द्रीय नेतृत्व से भी अपील की है कि कम्पनी की छवि खराब करने वाले इन अधिकारियों को कम्पनी से बाहर का रास्ता दिखाया जाए। और यह भी स्पष्ट किया कि इनको हटाने से काम में कोई नुकसान नहीं होगा बल्कि और बेहतरी आयेगी।
पदाधिकारियों ने हरियाणा के बिजली कर्मचारियों की शानदार हड़ताल का समर्थन करते हुए सफल हड़ताल के लिए उन्हें बधाई दी तथा हरियाणा सरकार से पैरलल लाईसेंस देने का फैसला रद्द करने व निजीकरण रोकने की मांग की तथा सीपीडीएल (CPDL) की निंदा करते हुए अपने कर्मचारियों को हरियाणा में झोंकने की तीखी आलोचना की।
पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि गुमराह करने वाले इन रिटायर्ड अधिकारियों से सावधान रहें जो कर्मचारियों और कम्पनी में टकराव अपना उल्लू सीधा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर सौहार्दपूर्ण माहौल में चर्चा कर माँगों का समाधान नहीं किया गया तथा टकराव जारी रखा तो यूनियन अपने संघर्ष को शिखर तक ले जाएगी तथा अपनी माँगों के साथ-साथ उपभोक्ताओं से भी तालमेल कर गली-मोहल्लों, सेक्टरों, कॉलोनी व गाँवों में संयुक्त तालमेल कमेटी बनाकर सोलर पावर की समस्या , क्रैस्ट में हुई हेराफेरी की जांच,स्मार्ट मीटर तथा बिलों में बढ़ोतरी आदि उपभोक्ताओं की आ रही समस्याओं व कर्मचारियों की समस्याओं के खिलाफ संयुक्त अभियान तेज़ करेंगे तथा इस दौरान विरोध प्रदर्शन, अर्थी फूँक प्रदर्शन भी जारी रहेंगे। इस संबंध में शीघ्र ही कर्मचारियों व उपभोक्ताओं की मीटिंग कर अगला कार्यक्रम तय किया जायेगा।
यह जाकनारी जारी एक विज्ञप्ति में महासचिव गोपाल दत्त जोशी ने दी।
युनयिन ने एस्मा लगाने की कड़ी निन्दा की
