NHRACF द्वारा एमसीएम डीएवी कॉलेज फॉर विमेन, सेक्टर 36, चंडीगढ़ में नशा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

NHRACF द्वारा एमसीएम डीएवी कॉलेज फॉर विमेन, सेक्टर 36, चंडीगढ़ में नशा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
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चंडीगढ़ । नेशनल ह्यूमन राइट्स एंड एंटी-करप्शन फोर्स (NHRACF), चंडीगढ़ द्वारा चलाए जा रहे “नशा मुक्त युवा – विकसित भारत अभियान” के अंतर्गत एमसीएम डीएवी कॉलेज फॉर विमेन, सेक्टर 36, चंडीगढ़ में नशा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वस्थ, जिम्मेदार और नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।इस कार्यक्रम का नेतृत्व कमलजीत सिंह पंछी, अध्यक्ष, NHRACF, चंडीगढ़, तथा अनिल वोहरा, चेयरमैन, ने संगठन के अन्य सदस्यों के साथ किया।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कमलजीत सिंह पंछी ने नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं व्यक्तिगत जीवन पर पड़ने वाले गंभीर दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहें, सोच-समझकर सही निर्णय लें तथा अपने मित्रों और साथियों को भी नशे की बुरी आदतों से बचने के लिए प्रेरित करें। *Say No to Drugs*” अर्थात *नशे को ना कहें*” का संदेश देते हुए उन्होंने युवाओं से जिम्मेदार नागरिक बनने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर NHRACF की टीम ने एमसीएम डीएवी कॉलेज फॉर विमेन, सेक्टर 36, चंडीगढ़ की प्रिंसिपल नीना शर्मा को नशा जागरूकता संबंधी पोस्टर भेंट किया। इस पोस्टर का पूर्व में गुलाब चंद कटारिया, राज्यपाल, पंजाब एवं प्रशासक, केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़, द्वारा विमोचन किया गया था। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के बीच नशा विरोधी जागरूकता संबंधी पर्चे भी वितरित किए गए तथा उन्हें नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए शपथ दिलाई गई। विद्यार्थियों को नशामुक्त चंडीगढ़ और नशामुक्त भारत के संकल्प को साकार करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।
कमलजीत सिंह पंछी ने जोर देते हुए कहा कि नशे के विरुद्ध लड़ाई केवल किसी एक व्यक्ति या संगठन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है। इस चुनौती का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों, अभिभावकों, सामाजिक संगठनों और समाज के प्रत्येक वर्ग का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे जागरूकता के दूत बनें, अपने साथियों को सही मार्ग दिखाएं, नशे की समस्या से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदनशीलता रखें तथा सकारात्मक, स्वस्थ और उद्देश्यपूर्ण जीवन अपनाने के लिए दूसरों को प्रेरित करें।
इस कार्यक्रम ने युवा पीढ़ी को नशे के दुष्परिणामों से बचाने के लिए जागरूकता, शिक्षा, रोकथाम और सामूहिक प्रयासों के महत्व को रेखांकित किया। NHRACF ने दोहराया कि संगठन युवाओं को सशक्त बनाने, सामाजिक जिम्मेदारी को मजबूत करने तथा एक स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित करता रहेगा।
यह जानकारी जारी एक विज्ञप्ति में उपाध्यक्ष रविंदर नाथ ने दी।

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