डॉ. विनोद कुमार शर्मा को ‘प्रेरणा साहित्य साधना सम्मान-2026’ से किया सम्मानित

डॉ. विनोद कुमार शर्मा को ‘प्रेरणा साहित्य साधना सम्मान-2026’ से किया सम्मानित
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चंडीगढ़। अखिल भारतीय प्रेरणा साहित्य एवं शोध संस्थान, कुरुक्षेत्र तथा हरियाणा प्रादेशिक लघुकविता मंच, सिरसा के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित साहित्यकार सम्मान एवं पुस्तक लोकार्पण समारोह का आयोजन प्रेरणा वृद्धाश्रम, कुरुक्षेत्र में किया गया। समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार, शिक्षाविद्, पत्रकार एवं समाजसेवी डॉ. विनोद कुमार शर्मा, चंडीगढ़ को उनके साहित्यिक, शैक्षिक एवं सांस्कृतिक योगदान तथा हिंदी भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय भूमिका के लिए ‘प्रेरणा साहित्य साधना सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया।
डॉ. विनोद कुमार शर्मा को प्रदान किए गए सम्मान-पत्र में उल्लेख किया गया कि वे प्रादेशिक, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक साहित्यिक, अकादमिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित व्यक्तित्व हैं। विशिष्ट हिंदी-सेवी सम्मान सहित अनेक सम्मानों से अलंकृत डॉ. शर्मा हिंदी भाषा एवं साहित्य की सेवा में निरंतर समर्पित हैं। उनके द्वारा रचित, संपादित एवं प्रकाशित पुस्तकों तथा लेखों ने असंख्य पाठकों को प्रेरित करने, जीवन-मूल्यों के प्रति जागरूक बनाने और सकारात्मक दिशा प्रदान करने में योगदान दिया है।
संस्थान ने उनकी साहित्य-साधना की सराहना करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की। समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. मधुकांत, सूर पुरस्कार विजेता एवं अध्यक्ष, प्रज्ञा साहित्यिक मंच, रोहतक थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. बाबू राम, हिंदी विभागाध्यक्ष, बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय, रोहतक ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में एम.डी. विश्वविद्यालय, रोहतक के लोक प्रशासन विभाग की पूर्व प्रोफेसर एवं अध्यक्ष डॉ. अंजना गर्ग उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में मुख्य भूमिका डॉ० जय भगवान सिंगला अध्यक्ष, अ०भा०प्रे०सा० शोध संस्थान और प्रो० रूप देवगुण प्रधान, ह०प्रा०ल०म० सिरसा की रही जबकि कार्यक्रम की संयोजिका किरण गर्ग थीं।
कार्यक्रम के दौरान प्रोफेसर बाबू राम ने डॉ. विनोद कुमार शर्मा द्वारा वेदों को काव्य रूप देने के कार्य की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। इस साहित्यिक आयोजन में डॉ विनोद कुमार शर्मा के मार्गदर्शक एवं साहित्यिक गुरु सुप्रसिद्ध साहित्यकार प्रेम विज की उपस्थिति एवं साहित्यिक सहभागिता ने समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की। प्रेम विज साहित्यिक गतिविधियों, साहित्यकारों के परस्पर संवाद और हिंदी साहित्य के संवर्धन के लिए निरंतर सक्रिय हैं। साहित्यकार सम्मान समारोह के माध्यम से साहित्य-साधना, हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार तथा समाज में सकारात्मक मूल्यों के प्रसार के प्रति प्रतिबद्ध रचनाकारों के योगदान को रेखांकित किया गया।
सम्मान प्राप्त करने पर डॉ. विनोद कुमार शर्मा की साहित्यिक यात्रा और हिंदी भाषा के प्रति उनकी समर्पित साधना को एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा गया। यह सम्मान साहित्य, शिक्षा, संस्कृति और मानवीय मूल्यों के क्षेत्र में उनके निरंतर योगदान के प्रति संस्थान की प्रशंसा एवं सम्मान का प्रतीक है। यह जानकारी जारी एक विज्ञप्ति में दी गई।

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