चंडीगढ़, 20 दिसंबर। यूटी कैडर एजुकेशनल एम्प्लाइज यूनियन कि बैठक सोमवार को हुई, जिसमें यह निर्णय लिया गया कि जो भी राजनितिक दल चंडीगढ़ यूटी को पंजाब या हरियाणा को देने कि बात करेगा किसी भी चुनाव (एम.सी., एम.एल. ए., और एम.पी.,) में यूनियन उस पार्टी को वोट नहीं डालेगी। इतना ही नहीं यूटी कैडर एजुकेशनल एम्प्लाइज यूनियन अपने सभी वर्ग के टीचर्स और कर्मचारियों को निवेदन करेगी कि इस प्रकार की भाषा बोलने वालो को अपना कीमती वोट मत दे, भले नोटा का बटन दबा दो। क्योकि यूटी कैडर एजुकेशनल एम्प्लाइज यूनियन ने हमेशा चंडीगढ़ यूटी हर वर्ग के टीचर्स और कर्मचारियों के हक के लिए लड़ाई लड़ी है और कई बार शो कॉज नोटिस, चार्ज शीट, सस्पेंशन का भी सामना करना पड़ा है। इस लिए चंडीगढ़ यूटी को पंजाब को देने कि बात करने वाले कि यूनियन शकल देखना भी पसंद नहीं करेगी।
यूटी कैडर एजुकेशनल एम्प्लाइज यूनियन, चंडीगढ़ यूटी के प्रधान स्वर्ण सिंह कम्बोज ने जारी एक बयान में कहा कि एक हैरानी कि बात यह भी है कि जिन भी कर्मचारियों की किसी भी चुनाव में ड्यूटी लगती है तो जब जहा पर चुनाव कि रिहर्सल करवाई जाती है वही पर हर कर्मचारी को “नो ओब्जेक्टशन सर्टिफिकेट” क्यों नहीं दिया जाता। ऐसा क्यो है कि अगर जिस कर्मचारी कि ड्यूटी चुनाव में लगी है और वो जिस सेक्टर में ड्यूटी कर रहा है वही वोट डाल सके। क्योकि चुनाव कमीशन के नियमों के मुताबिक हर देशवासी को मतदान करने का अधिकार है तो फिर जहा पर चुनाव कि रिहर्सल करवाई जाती है वही पर हर कर्मचारी को “नो ओब्जेक्टशन सर्टिफिकेट” क्यों नहीं दिया जाता ? कर्मचारियों को यह कह दिया जाता है कि डिप्टी कमीशन के दफ़्तर में जा कर अपनी वोट डालने का “नो ओब्जेक्टशन सर्टिफिकेट” ले आओ। अब इधरउधर धक्के कोई नहीं खाना चाहता और 80% सरकारी कर्मचारी बिना वोट डाले ही रह जाते है। क्योकि चुनाव ड्यूटी के दौरान सरकारी कर्मचारी अपना चुनाव बूथ छोड़ कर कही नहीं जा सकता। यूटी कैडर एजुकेशनल एम्प्लाइज यूनियन कि मांग है कि जहाँ-जहाँ भी सरकारी कर्मचारियों कि रिहर्सल चल रही है उनको वही पर उसी चुनाव बूथ पर वोट डालने के लिए “नो ओब्जेक्टशन सर्टिफिकेट” दिया जाए, जिस से सरकारी कर्मचारी भी राजनितिक दलों को बता सके कि उसके वोट की भी कोई कीमत है। यूनियन कि मांग है कि सभी सरकारी कर्मचारियों को “नो ओब्जेक्टशन सर्टिफिकेट” जल्द दिया जाए।
अगर ऐसा नहीं होता तो यूटी कैडर एजुकेशनल एम्प्लाइज यूनियन इस मामले की शिकायत रास्ट्रपति जी, प्रधान मंत्री जी और सेंटर इलेक्शन कमीशन को करेगी।
जहा पर चुनाव कि रिहर्सल करवाई जाती है वही पर हर कर्मचारी को “नो ओब्जेक्टशन सर्टिफिकेट” क्यो नहीं दिया जाता: कंबोज
