पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेश युगों-युगों से मानवता को दिखा रहे है ज्ञान और शांति का मार्ग: दत्तात्रेय

पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेश युगों-युगों से मानवता को दिखा रहे है ज्ञान और शांति का मार्ग: दत्तात्रेय
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चंडीगढ़, 14 दिसंबर। हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर 5158 वर्ष पूर्व भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिए गए पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेश युगों-युगों से मानवता को ज्ञान और शांति का मार्ग दिखा रहे है। इस पवित्र ग्रंथ गीता ने मानवता को जीवन जीने का सार और विश्व को शांति सदभावना का संदेश भी दिया है। इसलिए आज प्रत्येक नागरिक को पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों को अपने जीवन में धारण करना चाहिए।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय आज अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2021 में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड और शिक्षा विभाग के तत्वाधान में आयोजित वैश्विक गीता पाठ कार्यक्त्रम में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। इससे पूर्व, राज्यपाल ने केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री किशन रेड्डी, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज तथा अन्य गणमान्य जनों ने साथ गीता पूजन और दीपशिखा प्रज्वलित करके विधिवत रुप से गीता जयंती के पावन पर्व पर वैश्विक गीता पाठ कार्यक्त्रम का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर कुरुक्षेत्र के 15 विद्यालयों के 1155 विद्यार्थियों ने निर्धारित समयानुसार गीता के 18 अध्यायों के 18 श्लोकों का उच्चारण किया। इन विद्यार्थियों ने जैसे ही वैश्विक गीता पाठ शुरु किया, उसी समय हरियाणा के सभी जिलों के राजकीय और निजी स्कूलों के 55 हजार से ज्यादा विद्यार्थी और विभिन्न देशों के लोग आनलाईन प्रणाली से जुड़े और सभी ने एक सुर में विश्व शांति के लिए वैश्विक गीता पाठ किया।
राज्यपाल बंडारु दतात्रेय ने गीता जयंती पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गीता जयंती का यह दिन विलक्षण, अनोखा और प्रेरणा देने वाला दिन है आज के दिन कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर हजारों वर्ष पूर्व पवित्र ग्रंथ गीता का उदगम हुआ। सरकार द्वारा वर्ष 2014 के बाद से कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर हर वर्ष अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जाता है। इस महोत्सव में वैश्विक गीता पाठ एक अनोखा कार्यक्त्रम है। इस वैश्विक गीता पाठ के जरिए पूरे विश्व के लोगों तक पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों को पहुंचाने का प्रयास लगातार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को पवित्र ग्रंथ गीता के साथ जोडऩे के लिए ही सरकार द्वारा महोत्सव में वैश्विक गीता पाठ जैसे कार्यक्त्रमों को शुरु किया गया ताकि युवाओं को अच्छे संस्कार और शिक्षा मिल सके और देश के अच्छे नागरिक बन सके। जब युवा संस्कारवान और शिक्षित होंगे तभी एक अच्छे राष्ट्र का निर्माण सम्भव हो सकेगा।
केन्द्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री किशन रेड्डी ने कहा कि यह सौभाग्य है कि गीता जयंती के पावन पर्व पर धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की पवित्र धरती पर आने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रयासों से इस महोत्सव को अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का बड़ा दर्जा मिला। उन्होंने कहा कि आज पूरे भारत में देश की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर आजादी का अमृत महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है और गीता महोत्सव भी इसी थीम को समर्पित किया गया है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र 48 कोस के तीर्थों का विकास राज्य सरकार की तरफ से किया जा रहा है और यह इस धरती को तीर्थ नगरी के रूप में विकसित करने का अनोखा प्रयास है।
विधायक सुभाष सुधा ने मेहमानों का आभार और प्रदेश वासियों को गीता जयंती की बधाई देते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान वैश्विक गीता पाठ के साथ 55 हजार विद्यार्थियों के अलावा विदेशों का वर्चुअल रुप से जुडऩा अपने आप में एक ऐतिहासिक क्षण है। इन ऐतिहासिक क्षणों के साक्षी बनना एक गौरव का विषय है। सरकार ने युवा पीढ़ी को प्रेरणा देने के लिए ही वैश्विक गीता पाठ जैसे कार्यक्त्रमों को शुरु किया है। इन कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को अच्छी शिक्षा और अच्छे संस्कार मिलेंगे। इससे युवा पीढ़ी राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे सकेगी।

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