चण्डीगढ़, 13 दिसम्बर। यूटी व एमसी पैंशर्नस एसोसिएशन के पदाधिकारियों की उच्चस्तरीय कमेटी की मीटिंग में निगम चुनावों पर चर्चा करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर देष की जनता द्वारा अर्जित अरबों रूपये की सार्वजनिक सम्पत्ति को कोडियों के भाव पूंजीपतियों को लुटाने का आरोप लगाते हुए 24 दिसम्बर को हो रहे निगम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को धूल चटाने की अपील की है।
एसोसिएशन के प्रधान व यूटी पावरमैन यूनियन के पूर्व प्रधार राम सरूप ने चण्डीगढ़ की प्रबुद्ध जनता विषेषकर किसान, मजदूर, कर्मचारी व गांवों तथा कालोनियों में रह रहे गरीब व दिहाडीदार व छोटे व्यवसायी व दुकानदारों, रेहडीफडी लगाने वाले मेहनतकष वर्ग से बीजेपी के जुमलों से बचने की अपील करते हुए कहा कि बीजेपी की सरकार ने उदारीकरण के नाम पर पिछले 7 सालों में देष की आंखों परिसम्पत्ति अपने पूंजीपति मित्रों को कोड़ियों के भाव लुटा दी है। इस सरकार ने बैंक बीमा, बिजली, ट्रांसपोर्ट, एयरपोर्ट, रेल, तेल, सेल, बन्दरगाह जैसी सार्वजनिक व पब्लिक के पैसों से बनी ससम्पत्तिा को बेचने में जरा भी रहम नहीं किया।
एसोसिएशन के अध्यक्ष व यूटी कर्मचारी व कामगार महासंघ के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष जत्थेदार उजागर सिंह मोही ने कहा कि पहले सरकारें घाटे में चल रहे पब्लिक सैक्टरों को डिसइंसवेस्ट/निजीकरण की बात करती थी लेकिन यह सरकार घाटे का सरकारीकरण व मुनाफे में चल रहे विभागों का निजीकरण करने पर तुली है। पिछले 5-6 सालों से सस्ती बिजली देकर 24 घंटे निर्विघ्न बिजली देने व लगातार मुनाुा कमा रहा बिजली विभाग इसका उदाहरण है। उन्होंने पूछा कि आखिर देष में सबसे सस्ती दरों पर बिजली देने के बावजूद मुनाफा कमा रहे बिजली विभाग का सबसे मंहगी दरों पर बिजली देने वाली कलकत्ता की एमीनेंट कम्पनी को बिजली विभाग को बेचकर बीजेपी चण्डीगढ़ की जनता को क्यों लूटना चाहती है। उन्होंने इस बात पर हैारनी जताई कि केन्द्र सरकार के इस जनविरोधी व कर्मचारी विरोधी फैसले के खिलाफ चण्डीगढ़ के बीजेपी के सभी नेताओं के मुंह पर पटृी बंधी है फिर वे किस मुंह से जनता से वोट मांग रहे है। उनहोंने कहा कि चाहे जिसे मर्जी वोट दें पर बीजेपी को न दें।
एसोसिएशन के उपाध्यक्ष व एम सी हार्टीकल्चर वर्कर के पूर्व प्रधान भीम सेन ने कहा कि चण्डीगढ़ में नौकरी के नाम पर जैमपोर्टल में रजिर्स्टड ठेकेदार सरेआम लूट कर रहे हैं व कर्मचारियों का सरेआम शोषण कर रहे हैं। यह ठेकेदार अधिकारियों पर भ्ज्ञी हावी है लेकिन केन्द्र व निगम में सत्ता में बैठे बीजेपी केलागों ने इस लूट के खिलाफ कभी मुंह नहीं खोला। सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। विभागों में पोस्टें खत्म कर दी है। यूटी व एम सी से पिछले 2 सालों में सैकड़ों कर्मचारी रिटायर हो गये हैं। उन्हें पेंशन व ग्रेच्युटी भी बीजेपी के राज में नहीं मिल रहा है।
महासचिव सुच्चा सिंह, हरिन्दर प्रसाद नरेन्द्र कुमार आदि पदाधिकारियों ने कहा कि बिजली विभाग बेचने के बाद अब प्रशासन की नजर सीटीयू को बेचने पर है। लगता है कि इस सरकार का एक ही मंत्र व मकसद सब कुछ बेचना है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने किसान आंदोलन की जीत पर खुशी जाहिर करते हुए इसे विशाल संगठित व शांतिपूर्ण लम्बे संघर्ष की जीत करार देते हुए अभदाताओं को बधाई दी व कहा कि कर्मचारी व मजदूर वर्ग को इस संघर्ष से प्रेरणा लेने की जरूरत है।
