श्रम विभाग ने निर्माण श्रमिकों के लिए सुविधा शिविर आज: प्रधान कुलदीप सिंह

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कपूरथला, 3 दिसंबर। श्रम विभाग पंजाब द्वारा बिलडिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कज वैलफेयर बोर्ड अधीन पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों को पंजाब सरकार की तरफ से विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए जलोखाना में चार दिसंबर को लगाए जाने वाले विशेष शिविर को सफल बनाने के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस वर्कर कमेटी के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष दीपक सलवान, पार्षद मनोज अरोड़ा हैप्पी, पार्षद देशबंधु ने शुक्रवार को श्रम सहायक आयुक्त प्रदीप कुमार से मुलाकात कर उन्हें हर तरह के सहयोग आश्वासन दिया।
उपरोक्त नेताओं ने बताया कि यह कैंप कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह के दिशानिर्देश के तहत लगाया जा रहा है। दीपक सलवान और मनोज अरोड़ा ने बताया कि कोई भी उसारी के साथ सम्बन्धित कामगार जैसे कि राज मिस्त्री, हैलपर, दैनिक वेतन भोगी कामगार, कारपेंटर, प्लम्बर, पेंटर, बजरी ढुलाई वाला, ईंटों बनाने वाला आदि इस कैंप में आकर बोर्ड अधीन रजिस्टर्ड ज़रूर करवाए। उपरोक्त नेताओं ने बताया कि रजिस्टे्शन के लिए फ़ीस 25 रुपए और महीनावार 10 रुपए देना पड़ता है। उसारी कामगार अपना आधार कार्ड, बैंक अकाउँट की कापी और ग्रुप फोटो ले कर इस कैंप में अपने आप को रजिस्टर्ड करवा सकते हैं। रजिस्टर्ड उसारी कामगार बोर्ड की भलाई स्कीमों में लड़की के विवाह पर 31 हज़ार रुपए, पहली क्लास से डिगरी तक वज़ीफ़ा, मौत होने पर ऐकसगे्शिया स्कीम, दाह संस्कार स्कीम, डाक्टरी इलाज के लिए आयूशमान भारत हरेक सेहत बीमा योजना, बच्ची तोहफ़ा स्कीम, ऐनकों, दाँतों की बीड़ और श्रवण यंत्र के लिए वित्तीय सहायता, 60 साल की उम्र के बाद पैंशन स्कीम जैसी महत्वपूर्ण स्कीमों का लाभ कामगार ले सकते हैं। कुलदीप सिंह और देश बंदु ने कहा कि समाज के हर वर्ग को ऊपर उठाने का सफल प्रयास किया जा रहा है और उनको गरीबी और असमानता के दायरे से बाहर लाया जा रहा है। सरकार का पूरा प्रयास है कि वे राज्य के अन्य विकसित वर्गों के साथ कंधे से कंधा मिला कर आगे बढ़े और अपनी तरक्की के साथ ही राज्य की तरक्की में भी समुचित योगदान दें। उन्होंने कहा की ने कहा कि चन्नी सरकार पूरा प्रयास कर रही है कि राज्य के गरीबों और सुविधाओं से वंचित लोगों के लिए जो भी योजना बनाई जाए, उसका पूरा लाभ उस तक पहुंचे। बीते दौर में इन योजनाओं का एक बहुत थोड़ा हिस्सा ही लाभपात्री तक पहुंच पाता था, जिससे ना तो सरकार के जनकल्याण के लक्ष्य हासिल होते थे और ना ही गरीब आदमी को कोई मदद मिल पाती थी। स्मार्ट कार्ड से सरकार ने गरीब का हक गरीब को मिलना सुनिश्चित किया है।

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