विज्ञान व टेक्नोलॉजी का प्रदूषण पर काबू पाने के लिए महत्वपूर्ण साधन

विज्ञान व टेक्नोलॉजी का प्रदूषण पर काबू पाने के लिए महत्वपूर्ण साधन
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कपूरथला, 2 दिसंबर। पुष्पा गुजराल साइंस सिटी की ओर से राष्ट्रीय प्रदूषण दिवस मौके पर वेबिनार आयोजित किया गया। जिसमें पंजाब के अलग-अलग विद्ययक संस्थाओं के 70 से अधिक विद्यार्थियों व अध्यापकों ने भाग लिया। इस मौके पर उपस्थित साइंस सिटी की डायरेक्टर जनरल डा.नीलिमा जेरथ ने कहा कि राष्ट्रीय प्रदूषण दिवस यह यकीनी बनाने के लिए मनाया जाता है कि लोग हमारी सेहत व वातावरण संतुलन पर प्रदूषण के लंबे समय तक पड़ने वाले प्रभावों को समझे। भारत में 2-3 दिसंबर की मध्यरात्रि यूनियन कार्बाइड से मिथाइल आइसोनेट के रण से हुई भोपाल गैस त्रासदी में जानें गवां चुके लोगों को याद करना भी बहुत जरुरी है। विज्ञान व टेक्नोलॉजी प्रदूषण पर काबू पाने के लिए बहुत अहम साधन है। इनसे न सिर्फ प्रदूषण पर निगरानी ही की जा सकती है, बल्कि हल भी ढूंढ जा सकते है। इनके द्वारा ढूंढे हल न सिर्फ वातावरण के अनुकूल ही है, बल्कि आर्थिक तौर पर भी हमारी पहुंच में है। इनका समाज की भलाई के लिए प्रयोग करना चाहिए।
पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के मेंबर सचिव इंजी.करुनेश गर्ग ने विद्यार्थियों को कहा कि आज का दिन मनाने का उद्देश्य लोगों में वायु, धुनी, मिट्‌टी व पानी के हो रहे प्रदूषण प्रति जागरुकता पैदा करने के साथ-साथ प्रदूषण कंट्रोल एक्ट की महत्ता से जागरुक करवाना है। उन्होंने वेबिनार में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को अपील की है कि वह खास कर किसानों को इस प्रति जागरुक कर फसलों की कटाई के बाद पराली को आग न लगाई जाए। क्योंकि इससे न सिर्फ मिट्‌टी की उपजाऊ शक्ति नष्ट होती है। बल्कि हमारा पर्यावरण भी प्रदूषित होती है। जोकि हमारी सेहत के लिए भी काफी हानिकारक है। पंजाब सरकार की ओर से पराली को न जलाने व किसानों को इस प्रति जागरुक करने की तरफ ठोस कदम उठाए जा रहे है।
साइंस सिटी के डायरेक्टर डा.राजेश ग्रोवर ने कहा कि सेहतमंद, खुशहाल व स्थायी भविष्य के लिए अलग-अलग प्रदूषणों प्रति लोगों में अधिक से अधिक जागरुकता फैलाई जाए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के अनुकूल प्रयत्न प्रदूषण मुक्त पर्यावरण बनाने व धरती को बचाने में सहायक हो सकते है।

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