चंडीगढ़, 30 नवंबर। कोविड-19 की तीसरी लहर सिर पर है फिर भी शासन और प्रशासन एनएचएम कर्मचारियों की कोई सुध नहीं ले रहा है। वहीं ज्वाइनिंग का आश्वासन देकर कर्मचारियों को आज काम पर वापिस लेना था उसके बावजूद कर्मचारियों को आज वापिस नहीं लिया गया और अस्पताल प्रशासन ने कोर्ट केस लंबित होने का बहाना बना कर कमेटी में कोई फैसला नहीं हुआ।
एनएचएम यूनियन चंडीगढ़ के प्रेस सचिव महावीर सिंह ने जारी एक बयान में बताया कि आज दिनांक 30.11.2021 को एनएचएम कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन 34 दिन में प्रवेश कर गया। यह धरना प्रधान बबीता रावत की अगुवाई में प्रदर्शन किया गया। आज सभी कर्मचारी सारे दिन जॉइनिंग की उम्मीद लगाकर बैठे रहे परंतु अभी तक हेल्थ डिपार्टमेंट सेक्टर 16 कोई निर्णय नहीं ले पाया है जो बड़ी हताशा पूर्ण रवैया प्रशासन के द्वारा अपनाया जा रहा है। इसी के विरोध में संघर्ष को तेज करते हुए कल बुधवार से कर्मचारियों द्वारा 24 घंटे की भूख हड़ताल का ऐलान किया गया है।
महावीर सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल प्रशासन का ढुलमुल रवैया देख संयुक्त कर्मचारी मोर्चा ने मीटिंग कर अगली रणनीति बनाने का ऐलान किया। इसी रोष प्रदर्शन में मंगलवार को 5 कर्मचारियों ने भूख हड़ताल रखी। उन्होंने कहा कि जब तक कर्मचारियों की वापसी नहीं हो जाती तब तक यह संघर्ष तक जारी रहेगा।
