मुख्यमंत्री द्वारा पंजाब निवासियों को आगामी विधान सभा चुनावों में ‘आप’ और अकाली दल का सफाया कर देने का किया आह्वान

बरनाला, 27 नवंबर। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने आगामी विधान सभा चुनावों में ‘आप’ और अकाली दल का सफाया कर देने का न्योता देते हुए कहा कि अब यह बात आइने की तरह साफ़ है कि पंजाब के हितों, चाहे वह कृषि, उद्योग या आम आदमी का मुद्दा हो, को चोट पहुँचाने के पीछे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कैप्टन अमरिन्दर सिंह और बादलों का हाथ है।
यहाँ एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री चन्नी ने लोगों को कहा कि वह ऐसे दोगले राजनीतिज्ञों की पहचान करें जो भावनात्मक रूप से उनका शोषण करने पर तुले हुए हैं। ‘आप’ कनवीनर अरविन्द केजरीवाल द्वारा सत्ता में आने पर राज्य की हरेक 18 साल से अधिक उम्र की महिला को 1000 रूपए प्रति माह देने सम्बन्धी बड़े -बड़े दावे करने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री की निंदा करते हुए उन्होंने केजरीवाल को तथ्यों और आंकड़ों के साथ सामने आने की चुनौती दी कि उन्होंने दिल्ली में कितनी महिलाओं को यह राहत दी है। इसी तरह मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि पंजाब के लोग काफ़ी बुद्धिमान हैं और वह इस बार उसके झूठे वादों के साथ धोखा नहीं खाऐंगे, क्योंकि केजरीवाल और उनकी पार्टी की कारगुज़ारी पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है, जो इस तथ्य से स्पष्ट है कि 20 में से 11 आप विधायकों ने पहले ही दूसरी राजनैतिक पार्टियों को अपना समर्थन दे दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि अब प्रवासी पंजाबियों को भी यह एहसास हो गया है कि यह खोखले दावों वाली पार्टी है जिसका राज्य के मुख्य मुद्दों से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं।
मुख्यमंत्री चन्नी ने केजरीवाल को यह भी बताने के लिए कहा कि दिल्ली में कितने किसानों को कजऱ् माफी की सुविधा मिली है या कृषि क्षेत्र में मुफ़्त बिजली मिल रही है। उन्होंने केजरीवाल द्वारा अपने संकुचित राजनैतिक हितों की पूर्ति के लिए पंजाब सरकार द्वारा हाल ही में लिए गए लोक-हितैषी फ़ैसलों को लागू न करने संबंधी गलत जानकारी फैला कर ग़ैर-जि़म्मेदाराना बयान देने का भी दोष लगाया। दिल्ली के मुख्यमंत्री के झूठे दावों का विरोध करते हुए चन्नी ने उनको चुनौती दी कि वह लोगों को पेट्रोल और डीज़ल की मौजूदा कीमतों के अलावा उनके राज्य में अलग-अलग वर्गों के उपभोक्ताओं को स्पलाई की जा रही बिजली की दरों के बारे में बताएं, जोकि पंजाब की अपेक्षा कहीं अधिक हैं। उन्होंने कहा कि देश भर में पंजाब ही ऐसा राज्य है जहाँ लोगों को सस्ती दरों पर पेट्रोल/डीज़ल और बिजली मिल रही है।
अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि केंद्र द्वारा काले कानून बनाने के मामले में उनकी पत्नी हरसिमरत कौर बादल समेत पिता-पुत्र की अहम भूमिका रही है क्योंकि अकाली दल ने ही पंजाब विधान सभा में कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग एक्ट-2013 पास करके इन किसान विरोधी कानूनों की नींव रखी थी, जिसके लिए वह किसान भाईचारे की पीठ में छुरा घोंपने की जि़म्मेदारी से नहीं भाग सकते।
मुख्यमंत्री चन्नी ने सुखबीर बादल को कहा कि वह पुलिस और सिविल अधिकारियों को धमकियां देने से गुरेज़ करें, क्योंकि वह अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री चन्नी ने स्पष्ट रूप से कहा कि अकाली नेता स्वयं को और अपने पार्टी वर्करों को गिरफ़्तार करवाने के लिए उनके सरकारी निवास पर प्रदर्शन करने की खेली जा रही चालों के दबाव में नहीं आएंगे। उन्होंने अकालियों को अपने दशक के लम्बे कुशासन के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की ना माफी योग्य कार्यवाहियों के अलावा नशा, ट्रांसपोर्ट और केबल माफि़ए के फलने-फूलने जैसी घटिया कार्यवाहियों के दोषों का सामना करने की चुनौती दी, जिससे उन्होंने राज्य के संसाधनों पर बड़ी सेंध लगाते हुए अपनी जेबें भरीं। उन्होंने कहा कि अब राज्य भर में बादलों के समर्थकों द्वारा चलाए जा रहे केबल माफिया की बारी है, जिन्होंने इस व्यापार में एकाधिकार करके लोगों को लूटा है और इस तरह राज्य के वित्तीय संसाधनों को ख़त्म कर रहे हैं।
तीन काले कृषि कानूनों को रद्द करने का ऐलान करने पर प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद करने के लिए कैप्टन अमरिन्दर सिंह पर तीखा हमला करते हुए मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि उनको इस बात की समझ नहीं आती कि एक सच्चा पंजाबी इस फ़ैसले पर कैसे खुश हो सकता है क्योंकि पिछले एक साल के दौरान दिल्ली की सरहदों और राज्य के अन्य हिस्सों में चल रहे आंदोलन में लगभग 700 किसानों की जान चली गई है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री चन्नी ने ऐलान किया कि बरनाला विधान सभा हलके के सर्वांगीण विकास के लिए 25 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जिसके अर्तगत राजगढ़ सडक़ की मरम्मत और 22 फुट चौड़ी करने के अलावा अन्य सडक़ों के नवीनीकरण का काम भी किया जाएगा।
इससे पहले महल कलाँ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री चन्नी ने इस विधान सभा हलके में विकास कार्यों को पूरा करने के लिए 25 करोड़ रुपए की राशि देने का ऐलान भी किया। उन्होंने कहा कि गाँवों के विकास पर 15 करोड़ रुपए और सडक़ों के निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। उन्होंने महल कलाँ को सब-डिविजऩ के रूप में अपग्रेड करने के साथ-साथ यहाँ एक आई.टी.आई खोलने का भी ऐलान किया।
इसी तरह मुख्यमंत्री चन्नी ने भदौड़ विधान सभा हलके के विकास के लिए भी 25 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हलके में सरकारी नर्सिंग कॉलेज और आई.टी.आई की स्थापना करने के अलावा स्टेडियम भी बनाया जाएगा।
तपा में पले-बढ़े पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने अपने संबोधन में कहा कि चरणजीत सिंह चन्नी के मुख्यमंत्री के रूप में पद ग्रहण करने के बाद ‘आप’ बुरी तरह से डरी और घबराई हुई है, जिस कारण केजरीवाल की पार्टी के विधायक कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं। बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि केजरीवाल के मोहल्ला क्लीनिकों का मॉडल बुरी तरह से असफल रहने का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि कोरोना के चरम पर होने के समय के दौरान कम से कम 4,000 मरीज़ अपना इलाज करवाने के लिए दिल्ली से पंजाब आए थे। उन्होंने कहा कि इससे पता लगता है कि दिल्ली निवासियों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने में केजरीवाल सरकार के बड़े-बड़े दावे नाकाम साबित हुए।
इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस के जनरल सचिव और बरनाला के पूर्व विधायक केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि पंजाब में सही मायनों में आम लोगों की सरकार मुख्यमंत्री चन्नी के पद संभालने के बाद ही बनी है। उन्होंने यह भी बताया कि जब भी कांग्रेस की सरकार बनी तो बरनाला का सर्वांगीण विकास हुआ है और यहाँ तक कि वर्ष 2006 में कांग्रेस सरकार के समय में बरनाला को जि़ला बनाया गया था।
समारोह में सांसद मोहम्मद सदीक के अलावा कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और पार्टी कार्यकर्ता शामिल थे।

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