दिल्ली ‘आप’ मॉडल एक धोखा, हो चुका है बेनकाब: विजय इंदर सिंगला

चंडीगढ़/संगरूर, 27 नवंबर। पंजाब के कैबिनेट मंत्री विजय इंदर सिंगला ने वीरवार को अरविन्द केजरीवाल को आड़े हाथों लिया और दिल्ली सरकार के दिल्ली मॉडल के झूठे दावों से लोगों को धोखा देने की निंदा की। सिंगला की यह टिप्पणी मनीष सिसोदिया द्वारा पंजाब में शिक्षा को लेकर दिए गए बयान के बाद आई है।
सिंगला ने कहा कि दिल्ली मॉडल अब पूरी तरह बेनकाब हो गया है और पंजाब के लोग इसको पहचान चुके हैं। सिसोदिया ने दिल्ली में शिक्षा संबंधी बड़े-बड़े दावे किए परन्तु यह जानने में असफल रहे कि परफोर्मेंस ग्रेडिंग इंडैक्स (पीजीआई) में पंजाब पहले नंबर पर है, जोकि भारत सरकार द्वारा 70 विभिन्न मापदण्डों के आधार पर राज्यों के प्रदर्शन की दर्जाबन्दी की जाती है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में साबित हुआ है कि पंजाब की शिक्षा प्रणाली पूरे भारत के सभी राज्यों में पहले नंबर पर है।
विजय इंदर सिंगला, जिनके पास पहले शिक्षा विभाग था, ने बताया कि पंजाब सरकार ने लगभग 19,000 स्कूलों का प्रबंधन का कार्य किया, जबकि दिल्ली सरकार सिफऱ् 2,000 स्कूलों का प्रबंधन कर सकी। सिंगला ने विभिन्न तथ्यों और पंजाब सरकार की उपलब्धियों और उनके कार्यकाल के दौरान उठाए गए कदमों का जि़क्र किया, जिससे पंजाब को नंबर एक रैंकिंग हासिल करने में मदद मिली।
सिंगला ने बताया कि पंजाब सरकार ने बुनियादी ढांचे में क्रांति लाने के लिए 2019 में स्मार्ट स्कूल मुहिम शुरू की थी और जिस तरह स्कूलों में ज्ञान दिया जाता है, तब से अब तक हम सफलतापूर्वक लगभग 13,000 स्कूलों को स्मार्ट स्कूलों में बदल कर चुके हैं और हमने एक कदम आगे बढ़ कर इनको पहले ही बदलना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि सुपर स्मार्ट स्कूलों में हम सभी स्तरों पर सभी सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम प्रदान करने वाली भारत की पहली सरकार बनेंगे।
उन्होंने कहा कि हमने अपने अध्यापकों पर भी ध्यान केंद्रित किया है और यह सुनिश्चित बनाया है कि हमारे पास एक स्पष्ट और पारदर्शी प्रणाली है। सिंगला ने कहा कि हमने शिक्षा विभाग में योग्यता के एक नए युग की शुरूआत की है और हमने एक ऑनलाइन अध्यापक तबादला नीति बनाई है जो अध्यापकों के तबादले की सुविधा पूरी तरह उनकी कारगुज़ारी और योग्यता के आधार पर करती है। उन्होंने कहा कि पहले कभी भी ऐसी प्रणाली मौजूद नहीं थी और यह सुनिश्चित बनाता है कि हमारे बच्चे अपने अध्यापकों से सबसे बेहतर ज्ञान प्राप्त करते हैं।
कैबिनेट मंत्री विजय इंदर सिंगला ने कहा कि शिक्षा के मामले में पंजाब अग्रणी राज्य बन गया है और पीजीआई रैंकिंग में मील पत्थर स्थापित किया है, जिसमें पंजाब को पहला रैंक दिया गया है। उन्होंने कहा कि हमने दाखि़लों में एक रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि देखी है क्योंकि 5.5 लाख विद्यार्थी प्राईवेट स्कूलों से सरकारी स्कूलों में दाखिल हुए हैं और हमने शिक्षा के नवीनतम ढंग प्रदान करने शुरू कर दिए हैं, जिसने प्राईवेट स्कूलों को भी पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि 2021 के पंजाब शिक्षा स्कूल बोर्ड के परिणामों में सरकारी स्कूलों की 98 प्रतिशत के पास प्रतिशतता देखने को मिली है, जोकि पिछले साल की अपेक्षा 3.71 प्रतिशत अधिक है। सिंगला ने कहा कि जब हम स्कूली शिक्षा के भविष्य के बारे में सोचते हैं, तो इसमें बच्चों के सर्वांगीण विकास को शामिल करने की ज़रूरत होती है। इसको ध्यान में रखते हुए हम स्कूलों में स्मार्ट खेल के मैदानों को लाने, बच्चों को नवीनताकारी ढंग से शामिल करने और यह सुनिश्चित बनाने के लिए कि वह कीमती व्यवहारिक कौशल को ग्रहण करने के लिए हाई-टैक उपकरणों के साथ स्मार्ट भाषा सुनने वाली लैब्स स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित किया है।
उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर हमारी शिक्षा प्रणाली ने बहुत तेज़ी से विकास किया है और 19,000 स्कूलों के मुकाबले 2,000 तक सीमित रहने वाले दिल्ली को बहुत पीछे छोड़ दिया है। सिंगला ने कहा कि हमने शानदार प्रदर्शन किया है और दिखाया है कि दिल्ली ‘आप’ मॉडल एक धोखा है और पंजाब के लोग सिफऱ् कांग्रेस पर विश्वास करते हैं। सिंगला ने कहा कि पंजाब और इसके युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए पंजाब सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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