डॉ. वेरका द्वारा ‘ऊर्जा दक्षता बाज़ार’ में निवेश के लिए उद्योगों के लिए ऋण मुहैया करवाने के लिए वित्तीय संस्थाओं से की अपील

चंडीगढ़, 26 नवम्बर। ऊर्जा की बढ़ रही माँग के मद्देनजऱ पंजाब के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री डॉ. राज कुमार वेरका ने उद्योगों को बिजली की बचत करने वाले उपकरणों का प्रयोग करने और ‘ऊर्जा दक्षता बाज़ार’ में निवेश करने के लिए वित्तीय संस्थाओं को उद्योगों के लिए ऋण मुहैया करवाने की अपील की है।
आज यहाँ पंजाब ऊर्जा विकास एजेंसी (पेडा) द्वारा ‘इनवेस्टमेंट बाज़ार फॉर एनर्जी एफिशिएंसी’ संबंधी करवाई गई एक दिवसीय कॉन्फ्रेंस में अपने भाषण के दौरान डॉ. वेरका ने कहा कि वर्तमान समय में ऊर्जा की माँग बहुत अधिक बढ़ गई और कई राज्यों में इसकी माँग और पूर्ति के बीच बड़ा अंतर है। इस अंतर को घटाना समय की ज़रूरत है। उन्होंने इसके लिए उद्योगों को आगे आने के लिए न्योता दिया है।
ऊर्जा को जीवन के हर पहलू के लिए ज़रूरी बताते हुए डॉ. वेरका ने कहा कि यह सतत विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विश्व प्रतिस्पर्धा को लाभप्रद बनाने और सतत विकास को सुनिश्चित बनाने के लिए ऊर्जा के कुशल उपयोग करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के कुशल उपयोग करने वाले देश और राज्य आर्थिक रूप से सफल होते हैं और प्रतिस्पर्धा में अग्रणी रहते हैं। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के कुशल उपयोग के लिए कई तरह का फ़ायदा होता है। इसके साथ ही ग्रीन हाऊस गैस के उत्सर्जन को कम करने, ऊर्जा की माँग को घटाने और आर्थिक विकास के लिए लागत घटाने में मदद देती है। ऊर्जा दक्षता में सुधार करके, ऊर्जा की माँग को घटाया जा सकता है।
डॉ. वेरका ने कहा कि बिजली का बड़ा हिस्सा उद्योगों में खपत हो रहा है। इस कारण उद्योगों में ऊर्जा की खपत को घटाने वाले उपकरण लगाए जाने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि पंजाब में ऊर्जा की बचत के लिए बड़े स्तर पर निवेश की संभावना है, जिसके लिए वित्तीय संस्थाओं द्वारा ऋण मुहैया करवाए जाने की ज़रूरत है। डॉ. वेरका ने उद्योगों में ऊर्जा के कुशल उपयोग के लिए आधुनिक उपकरण लगाए जाने के लिए वित्तीय संस्थाओं द्वारा ऋण मुहैया करवाने की अपील की है। इसी दौरान ही उन्होंने अन्य क्षेत्रों में भी ऊर्जा की बचत पर ज़ोर दिया है। डॉ. वेरका ने कहा कि इसके साथ ही न केवल ऊर्जा की कमी से निपटने की दिशा की ओर कदम उठाए जा सकते हैं बल्कि इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में ऊर्जा की खपत पर खर्चों में भी कमी लाई जा सकती है। डॉ. वेरका ने कहा कि इस कार्य के लिए पंजाब सरकार हर मदद मुहैया करवाने के लिए तैयार है।
इससे पहले प्रमुख सचिव श्री के.ए.पी. सिन्हा ने कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने वालों का स्वागत किया। चेयरमैन पेडा श्री एच.एस. हंसपाल ने ऊर्जा की दक्षता संबंधी अपने विचार पेश किए। इस दौरान एस.बी.आई. के मैनेजर श्री राजेश सिंह ने ऊर्जा दक्षता में निवेश सम्बन्धी योजनाओं की जानकारी दी। डायरैक्टर पेडा श्री एम.पी. सिंह ने इस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने वालों का धन्यवाद किया। इस मौके पर पेडा के मुख्य कार्यकारी नवजोत पाल सिंह रंधावा भी उपस्थित थे। इस दौरान ऊर्जा की बचत की संभावनाओं, सामथ्र्य, ऊर्जा बचत के लिए वित्तीय सहायता आदि संबंधी पेपर पढ़े गए।

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