जालंधर, 31 अक्तूबर। पंजाब के उच्च शिक्षा और भाषाएं, शिक्षा और खेल मंत्री परगट सिंह ने आज यहाँ देश भगत स्मारक हॉल में शुरू हुए गदरी बाबेयां के मेले में विशेष तौर पर शिरकत की।
सरदार परगट सिंह ने पुस्तक प्रदर्शनी में स्टॉलों पर जाकर कुछ किताबें भी खरीदीं। इनमें नौजवानों के आदर्श शहीद ए आजम भगत सिंह का जीवन संघर्ष और विचार, दूरदर्शी राजनीतिज्ञ और आधुनिक पंजाब के निर्माता प्रताप सिंह कैरों की जीवनी और अन्य किताबें शामिल थीं। इस मौके पर परगट सिंह ने जहाँ नौजवान बच्चे-बच्चियों के साथ बातचीत करके उनके विचार सुने, वहीं प्रकाशकों से भी फीडबैक हासिल किया।
स. परगट सिंह ने कहा कि गदरी बाबेयां के मेले में यह देख कर खुशी हुई कि हमारा नौजवान चेतन है और महान शहीदों की सोच पर पहरा देने के लिए दृढ़ है। पुस्तक प्रदर्शनी के द्वारा पाठकों को अपने पसंद की पुस्तकें पढ़ने के लिए मिलती हैं। नौजवानों को पुस्तक सभ्याचार के साथ जुड़ने का न्योता देते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि शख्सियत निर्माण में साहित्य का अहम रोल है क्योंकि किताबें ज्ञान का भंडार हैं।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री ने भाषा विभाग के स्टॉल पर भी चक्कर लगाया। उन्होंने पाठकों और साहित्य प्रेमियों को विश्वास दिलाया कि पंजाबी भाषा की प्रफुल्लित और पुस्तक सभ्याचार को प्रफुल्लित करने के लिए भाषा विभाग को और भी मजबूत किया जाएगा और नई किताबें छापी जाएंगी। उन्होंने पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला की पब्लिकेशन ब्यूरो की स्टॉल भी देखी।
स. परगट सिंह ने इस मौके पर शहीदों की याद में बनाए गए म्युजिय़म को भी देखा। देश भगत स्मारक हॉल समिति के प्रबंधक गुरमीत सिंह समेत कई साहित्यकारों को भी मिलने का मौका मिला।
