मेनपावर सर्विस को जेम पोर्टल से निकाले बाहर किया जाए: कर्मचारी संघ

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चंडीगढ़, 4 सितंरब। आल कांट्रेक्चुअल कर्मचारी संघ ने यूटी चंडीगढ़ ने टेंडर प्रक्रिया में मेनपावर सर्विस को जेम पोर्टल से बाहर करने अथवा शैक्षणिक योग्यता के आधार पर छंटनी रोकने व ठेकेदार द्वारा पैसे न मांगने 15 छुट्टियां, संतुष्टि पूर्वक काम करने वालों की एक्सटेंशन व लिस्ट अपलोड करने, वर्दी के नाम पर ठेकेदार द्वारा पैसे न मांगने, कम से कम 3 या 5 साल का टेंडर इत्यादि के लिए चंडीगढ़ प्रशासन से दिशा निर्देश दिलवाने के लिए पत्र लिखा है।
आल कांट्रेक्चुअल कर्मचारी संघ, यूटी चंडीगढ़ के चेयरमैन बिपिन शेर सिंह एवं एडवाइजरी कमेटी के मेंबर तरनदीप सिंह ग्रेवाल ने जारी एक बयान में बताया कि वर्ष 2019 से चंडीगढ़ प्रशासन ने केंद्र सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स व इंडस्ट्री द्वारा प्रायोजित जेम पोर्टल में मेनपावर सर्विस को सम्मिलित किया है। हालांकि जेम पोर्टल डीजीएसडी विभाग द्वारा सरकारी विभागों में मशीनरी व इक्यूपमेंट खरीदने में पारदर्शिता लाने के लिए बनाया गया एक वेब पोर्टल था। परन्तु मिनिस्ट्री ऑफ परसोनल संबंधित मैनपावर सर्विस विभाग को भी इस वेब पोर्टल के अधीन कर दिया गया। जेम पोर्टल में टेंडर प्रक्रिया में 0.01 पर्सेंट प्रति वर्कर्स पर प्राइवेट कंपनी को कांट्रैक्ट दिया जाता है।
चंडीगढ़ सांसद ने आल कांट्रेक्चुअल कर्मचारी संघ के पत्र पर संज्ञान लेते हुए चंडीगढ़ प्रशासन से पहले भी गुहार लगाई थी कि इस पोर्टल द्वारा चयनित ठेकेदारों द्वारा वर्कर्स का भरपूर शोषण किया जा रहा है व मेनपावर सर्विस को इस पोर्टल से बाहर किया जाए। हालांकि चंडीगढ़ प्रशासन के सलाहकार द्वारा विभागों को ठेकेदारों द्वारा आउटसोर्स वर्कर्स से पैसे लेने के मामले पर कड़ी है कार्रवाई की के निर्देश दिए गए थे परन्तु चंडीगढ़ में ठेकेदारों द्वारा इन आदेशों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है और प्रशासनिक विभागों द्वारा ने भी इस शोषण पर चुप्पी साधी हुई है। चंडीगढ़ प्रशासन का कोई भी विभाग इस अत्याचार से अछूता नहीं रहा।
चंडीगढ़ में पढे लिखे युवाओं को इस सिस्टम में पिसता देख आल कांट्रेक्चुअल कर्मचारी संघ यूटी चंडीगढ़ ने पहल करते हुए चंडीगढ़ सांसद को फिर से गुहार लगाई कि या तो मेनपावर सर्विस को इस पोर्टल से बाहर किया जाए अन्यथा जेम पोर्टल में वर्कर्स की सुरक्षा के लिए संशोधित किए गए कुछ प्रावधानों को लागू करने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा दिशा निर्देश दिए जाएं ताकि आउटसोर्स कर्मचारियों के शोषण व अत्याचार को रोका जा सके।

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