चंडीगढ़, 1 अगस्त। कोविड संक्रमण लहर के चलते गत वर्ष से छात्रों के जीवन में शारीरिक, भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं I छात्रों, शिक्षकों तथा अभिभावकों के विचारों को जानने तथा समस्याओं को निर्मूल करने का बीड़ा उठाया। इस सर्वे को इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में देश के सबसे लंबे ऑनलाइन सर्वे के रूप में दर्ज किया गया तथा राजेश वशिष्ठ को इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स के मुख्य संपादक डॉक्टर बिस्वरूप रॉय चौधरी द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
केंद्रीय विद्यालय संगठन के शिक्षक व परामर्शदाता राजेश वशिष्ठ छात्रों में केविएसगुरु नाम से लोकप्रिय भी है। उन्होंने बताया कि समाजसेवा को समर्पित उनकी इस उपलब्धि में केंद्रीय विद्यालय संगठन के अधिकारियों, सहकर्मियों तथा छात्रों का बहुत बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन शिक्षण के साथ साथ लगभग 24000 छात्रों, 5000 अभिभावकों तथा 2000 शिक्षकों के विचार देशव्यापी ऑनलाइन सर्वेक्षण के माध्यम से एकत्र किया I सर्वे से ज्ञात हुआ कि विद्यालयों में बढ़ते ड्राप आउट, मोबाइल पर बढ़ते स्क्रीन टाइम के कारण छात्रों में कुंठा, व्यग्रता, असहजता, तनाव, अरुचि, चिड़चिड़ापन, क्रोध, भय, अनिश्चितता, दोस्तों से दूरी का गम तथा डिप्रेशन आदि भाव पैदा होने लगे जिनकी वजह से छात्रों को शारीरिक, भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
वशिष्ठ ने सीबीएसई, एनसीईआरटी तथा केविएस के परामर्शदाताओं का कॉउंसलरदोस्त समूह बना कर टोल फ्री नंबर 8929411900 के माध्यम से छात्रों को परामर्श प्रदान करने के साथ कोविड 19 संबंधी गाइड लाइन का अनुपालन करना तथा आपदा प्रबंधन के बारे में जानकारी दी।
इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में दर्ज कोरोना यौद्धा राजेश वशिष्ठ का सर्वे
