चंडीगढ़ । अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM), चंडीगढ़ का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र और उपाध्यक्ष डॉ. शंकर मोहन के नेतृत्व में चंडीगढ़ प्रशासन की एडवाइजरी काउंसिल (एजुकेशन) के चेयरमैन जतिंद्र पाल मल्होत्रा से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में कार्यरत रेगुलर शिक्षकों की हाफ पे लीव (HPL) से जुड़ी गंभीर समस्या को उनके समक्ष प्रमुखता से रखा।
प्रतिनिधिमंडल ने मल्होत्रा से विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए बताया कि 1 अप्रैल 2022 (01.04.2022) से चंडीगढ़ प्रशासन के कर्मचारियों पर केंद्रीय सेवा नियम (Central Service Rules) लागू किए गए थे। इससे पूर्व, चंडीगढ़ के कर्मचारियों पर पंजाब सेवा नियम लागू होते थे, जिसके तहत शिक्षकों एवं कर्मचारियों को प्रतिवर्ष 20 HPL (हाफ पे लीव) दी जाती थीं। नियम अनुसार, जो कर्मचारी HPL का उपभोग नहीं करते थे, उनकी यह छुट्टियां प्रतिवर्ष उनके खाते में अर्जित (Accumulated) होती रहती थीं। इस प्रकार 1 अप्रैल 2022 तक सभी नियमित कर्मचारियों के खाते में बड़ी संख्या में HPL जमा हो चुकी थीं।
डॉ. धर्मेंद्र और डॉ. शंकर मोहन ने ध्यान आकर्षित कराया कि केंद्रीय नियम लागू होने के बाद प्रारंभ में चंडीगढ़ प्रशासन ने कुछ कर्मचारियों को इन पूर्व-अर्जित HPL का नियमानुसार लाभ दिया भी, लेकिन उसके बाद अकस्मात यह लाभ देना बंद कर दिया गया, जिससे कर्मचारियों में भारी निराशा है।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने एडवाइजरी काउंसिल के चेयरमैन जतिंद्र पाल मल्होत्रा से मांग की है कि:
पूर्व-अर्जित HPL का लाभ बहाल हो: 01.04.2022 से पूर्व पंजाब नियमों के तहत अर्जित की गई समस्त HPL का लाभ कर्मचारियों को यथावत दिया जाए। रोके गए लाभ तुरंत जारी हों: प्रशासन स्पष्ट आदेश जारी कर रोके गए HPL के लाभों को शीघ्र जारी करे, ताकि शिक्षकों को उनका न्यायसंगत हक मिल सके।
अन्य ज्वलंत मुद्दों पर भी विस्तृत मांग पत्र तैयार करेगा महासंघ
जतिंद्र पाल मल्होत्रा ने HPL की मांग पर सकारात्मक आश्वासन देने के साथ-साथ प्रतिनिधिमंडल से यह भी कहा कि यदि शिक्षकों के इसके अतिरिक्त भी कुछ और मुद्दे या समस्याएं हैं, तो उन्हें भी एक साथ सूचीबद्ध करके रखा जाए, ताकि प्रशासन के उच्च अधिकारियों से वार्ता करके शिक्षकों की सभी समस्याओं का एक साथ स्थायी समाधान कराया जा सके।
चेयरमैन के इस सकारात्मक रुख के बाद प्रतिनिधिमंडल ने निर्णय लिया कि अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ जल्द ही शिक्षकों की सभी प्रमुख मांगों को शामिल करते हुए एक विस्तृत मांग पत्र (Comprehensive Representation) तैयार करके श्री मल्होत्रा को सौंपेगा, जिस पर वे प्रशासन से बात करके समाधान निकालने का प्रयास करेंगे।
बैठक के अंत में प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षकों की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता और सकारात्मक सहयोग के लिए श्री जतिंद्र पाल मल्होत्रा जी का पुनः हृदय से बहुत-बहुत आभार व्यक्त किया।
ABRSM ने एडवाइजरी काउंसिल के चेयरमैन मल्होत्रा को सौंपा ज्ञापन, 2022 से पूर्व जमा HPL के लाभ की उठाई मांग
