चंडीगढ़ । चंडीगढ़ ट्रेडर्स एसोसिएशन सेक्टर-17 के अध्यक्ष एवं स्वच्छ भारत मिशन, चंडीगढ़ के ब्रांड एंबेसडर कमलजीत सिंह पंछी ने नगर निगम चंडीगढ़ के आयुक्त को पत्र लिखकर मानसून के दौरान शहरवासियों को हो रही समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया है तथा शहर में जल निकासी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने एवं जलभराव की समस्या को कम करने के लिए निम्नलिखित सुझाव प्रस्तुत किए हैं।
1. नालों से निकाले गए कचरे का तत्काल उठान: घास कटाई एवं नालों की सफाई के दौरान निकली घास, गाद, पत्तियां एवं अन्य मलबे को तुरंत हटाया जाए ताकि वर्षा के दौरान यह दोबारा नालों में न पहुंच सके।
2. ड्रेन इनलेट्स पर जाली लगाना: नालों के मुहानों पर उपयुक्त जाली या ग्रिल लगाई जाए ताकि प्लास्टिक कचरा एवं अन्य मलबा नालियों को जाम न कर सके।
3. मानसून पूर्व गाद निकासी: सभी वर्षा जल निकासी नालों का विशेष निरीक्षण कर उनकी समयबद्ध सफाई एवं गाद निकासी सुनिश्चित की जाए, विशेषकर जलभराव वाले क्षेत्रों में।
4. आपातकालीन प्रतिक्रिया दलों की तैनाती: भारी वर्षा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई हेतु संवेदनशील स्थानों पर डी-वाटरिंग पंप एवं आवश्यक मशीनरी से लैस विशेष टीमों की तैनाती की जाए।
5. निर्माण सामग्री एवं मलबे की सफाई: सड़कों के किनारे पड़ी निर्माण सामग्री, रेत एवं अन्य मलबे को नियमित रूप से हटाया जाए ताकि नालियां अवरुद्ध न हों।
6. जन-जागरूकता एवं सख्त प्रवर्तन: नालों में कचरा फेंकने के विरुद्ध जागरूकता अभियान चलाए जाएं तथा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।
7. विभागों के बीच बेहतर समन्वय: मानसून से पहले सड़क खुदाई एवं विभिन्न यूटिलिटी कार्यों को पूरा कर सड़कों को उचित रूप से बहाल किया जाए ताकि जल निकासी व्यवस्था प्रभावित न हो और जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।
पंछी ने कहा कि चंडीगढ़ अपनी सुव्यवस्थित आधारभूत संरचना एवं स्वच्छता के लिए देशभर में जाना जाता है। इन सुझावों को समय रहते लागू करने से शहर की मानसून तैयारियों को और मजबूती मिलेगी, जलभराव की समस्या में कमी आएगी तथा नागरिकों को राहत मिलेगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जनहित में इन सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
यह जानकारी जारी एक विज्ञप्ति में मुख्य सचिव अमित जैन ने दिए।
चंडीगढ़ ट्रेडर्स एसोसिएशन ने मानसून के दौरान जलभराव रोकने हेतु निगम आयुक्त को दिए सुझाव
