चण्डीगढ़, 8 जुलाई । चण्डीगढ़ प्रशासन तथा सी पी डी एल द्वारा बिजली कर्मचारियों की मांगों के प्रति अपनाये जा रहे नकारात्मक रवैए के खिलाफ यूटी पावर मैन यूनियन चंडीगढ़ ने 22 जुलाई 2026 को बिजली कार्यालय सैक्टर सैक्टर 17 के नज़दीक विशाल धरना प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। धरने की तैयारी के संबंध में अलग-अलग कार्यालयों में गेट मीटिंगें जारी है। इस संबंध में आज औद्योगिक क्षेत्र फेस 1 में गेट मीटिंग की गई।
गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए यूनियन के महासचिव व फैडरेशन के अध्यक्ष गोपाल दत्त जोशी, यूनियन व फैडरेशन के उपाध्यक्ष गुरमीत सिंह, संयुक्त सचिव विनय प्रसाद, टेक राज, अजमेर सिंह, मूलचंद आदि ने आरोप लगाते हुए कहा कि भारत सरकार का फैसला सिर्फ और सिर्फ डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को निजीकरण करने का था लेकिन चंडीगढ़ प्रशासन के इंजीनियरिंग बिभाग के अधिकारियों ने डिस्ट्रीब्यूशन के साथ -साथ ट्रांसमिशन के असैट भी बेच दिए, जिसका बहुत ज्यादा नुक्सान कर्मचारियों का हुआ तथा उन्हें निजी कंपनी में धकेल दिया। जिस कारण उनका सरकारी स्टेटस ही खत्म कर दिया गया तथा उनकी सेवा शर्तें खत्म कर उन्हें निजी कंपनी का नौकर बना दिया।चंडीगढ़ प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ सभी कर्मचारियों को कोर्ट में याचिका दायर करनी पड़ी। कोर्ट से थोड़ी-बहुत राहत मिलती भी है तो प्रशासन याचिका दायर कर अन्तरिम राहत के निर्णय को बार बार चुनौती देकर मामले को लटका देता है,इसका सीधा नकारात्मक असर सेवा मुक्त हो गये, तथा मृतक कर्मचारियों के आश्रितों पर पड़ रहा है, जिन्हें रिटायरमेंट के डेढ़ साल बाद भी एक भी पैसे का भी भुगतान नहीं हुआ है, तथा उन कर्मचारियों पर सीधे तौर पर पड़ रहा है, जिन्होंने अपने परिवारिक कारणों से एजी से अपना जीपीएफ निकालना है। कर्मचारियों को कोई भी नुकसान न होने की बात कहने वाले प्रशासन की पोल खुल चुकी है जिन्हें रिटायरमेंट के डेढ़ साल के बाद भी कोई भुगतान नहीं हुआ है। कर्मचारियों को मकानों की अलॉटमेंट बंद कर दी गई है व सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम को लागू करने की मनाही कर दी गई है, दूसरी तरफ सीपीडीएल अथौरिटी कर्मचारियों के किसी भी मुद्दे पर सकारात्मक रूख अपनाने को तैयार नहीं है तथा हर मुद्दे पर नकारात्मक रवैया अपनाया जा रहा है कर्मचारियों की प्रमोशन, कान्टैक्ट कर्मचारियों की रेगुलराइजेशन तथा पार्ट टाइम कर्मचारियों को फुल टाइम ड्यूटी पर लेने पर टालमटोल की जा रही है,रिस्क ,शिफ्ट, लेजर कीपर अलावन्स तथा बिजली भत्ता देने से इन्कार किया जा रहा है। यहां तक कि सुरक्षा उपकरण तथा बैठने का इन्तजाम भी नहीं है। उल्टा उनकी तौहीन की जा रही है,जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। सीपीडीएल अथौरिटी सुविधाओं के नाम पर कोई भी काम कर्मचारियों के हित में करने को तैयार नहीं है। वक्ताओं ने सभी कर्मचारियों से 22 जुलाई 2026 को विशाल धरना प्रदर्शन में भारी संख्या में शामिल होने की अपील की है।
यह जानकारी जारी एक विज्ञप्ति में महासचिव गोपाल दत्त जोशी ने दी।
बिजली कर्मचारियों की गेट मीटिंग में 22 जुलाई 2026 को विशाल धरना प्रदर्शन करने का किया आह्वान
