परमात्मा से जुड़ाव, शिक्षा एवं अनुशासित जीवन ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला

परमात्मा से जुड़ाव, शिक्षा एवं अनुशासित जीवन ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला
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चण्डीगढ़ 14 जून । सैक्टर 30 में स्थित सन्त निरंकारी सत्संग भवन में सैक्टर 45 ऐरिए के बच्चों का एक बाल समागम यहां के ज़ोनल इन्चार्ज ओ.पी. निरंकारी के सान्निध्य में आयोजित किया गया जिसमें हर आयु के नन्हे-मुन्ने बाल संतों द्वारा सत्गुरू माता सुदीक्षा महाराज द्वारा दी जा रही शिक्षाओं पर आधारित बच्चों ने गीत, कविता, स्पीच, स्किट, कव्वाली आदि के रूप में अपनी अपनी आईटम्ज़ पेश कर सभी के मन को मोह लिया। इस अवसर पर बच्चों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए निरंकारी जी ने बच्चों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की तथा कार्यक्रम को सफल बनाने वाले आयोजकों, इन्चार्जों, अभिभावकों एवं समस्त सेवादारों का हृदय से आभार व्यक्त किया।
निरंकारी ने कहा कि संत निरंकारी मिशन के सभी कार्यक्रमों का मूल उद्देश्य मानव मात्र को निरंकार परमात्मा से जोड़ना तथा ब्रह्मज्ञान के सरल एवं सार्वभौमिक संदेश को जन-जन तक पहुँचाना है। ब्रह्मज्ञान किसी विशेष वर्ग, जाति, अमीर-गरीब अथवा छोटे-बड़े तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक मानव के लिए सहज एवं सुलभ है। उन्होंने बच्चों एवं संगत को रोज़ाना सिमरन “तू ही निरंकार, मैं तेरी शरण हाँ, मेनू बख्श लौ” का अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया।
निरंकारी ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को बचपन से ही संगत के साथ जोड़ें, जिससे उनमें आध्यात्मिक संस्कार, नैतिक मूल्य एवं मानवता की भावना विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता के साथ-साथ शिक्षा भी जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है। बच्चों को अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान देना चाहिए, शिक्षकों का सम्मान करना चाहिए तथा प्रत्येक विषय को समान महत्व देकर ज्ञान अर्जित करना चाहिए।
स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बच्चों को नियमित व्यायाम, साफ-सफाई, संतुलित एवं पौष्टिक भोजन अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि फल, सलाद, हरी सब्जियाँ एवं दालों का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, जबकि जंक फूड से यथासंभव बचना चाहिए। उन्होंने बच्चों को मोबाइल फोन एवं टेलीविजन पर अत्यधिक समय व्यतीत करने के बजाय खेलकूद, रचनात्मक गतिविधियों तथा शारीरिक विकास को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
अपने संदेश में उन्होंने कहा कि बच्चों के जीवन के दो प्रमुख लक्ष्य होने चाहिएं – पहला निरंकार परमात्मा से जुड़कर आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त करना और दूसरा शिक्षा के माध्यम से विद्वान एवं संस्कारित नागरिक बनना। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्यक्रम की सफलता सामूहिक प्रयास, सहयोग एवं समर्पण से ही संभव होती है।
इससे पूर्व सैक्टर 45 ऐरिए के मुखी एन.के. गुप्ता ने इस अवसर पर उपस्थित सभी बच्चों, युवायों, महिलायों और पुरूषों का यहां उपस्थित होने तथा बच्चों में उत्साह बनाए रखने के लिए धन्यवाद किया ।
इस अवसर पर पंचकुला के संयोजक एस. के. सोनी जी ने जोनल इंचार्ज चंडीगढ़ सहित सभी रक्तदाताओं का आभार व धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि सारी मानवता ही अपना परिवार है। जब हम रक्तदान करते हैं, तब हम किसी के जीवन में आशा का दीप जलाते हैं। यही सच्ची इंसानियत और सेवा का मार्ग है।
सिविल अस्पताल सेक्टर 6, पंचकुला के डॉ अमित के नेतृत्व में 10 सदस्यीय टीम ने यूनिट एकत्रित किए।इस अवसर पर स्थानीय सेवादल ने भी भरपूर सहयोग दिया।

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