चंडीगढ़। रामदरबार एक पुनर्वास योजना के तहत बसाई गई कॉलोनी है। नगर निगम द्वारा अचानक पेड पार्किंग घोषित कर दिए जाने से क्षेत्र के लगभग 4000 परिवारों में भारी रोष जताया है। दशकों से इस जगह पर कॉलोनी वासी अपने दोपहिया-चारपहिया वाहन निःशुल्क खड़े करते आ रहे थे।
नगर निगम द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना, बिना स्थानीय निवासियों से चर्चा किए और बिना वैकल्पिक पार्किंग व्यवस्था दिए यह एकतरफा निर्णय लिया गया है।
चंडीगढ़ कॉंग्रेस वार्ड नंबर-19, रामदरबार की ब्लॉक अध्यक्षा सोनिया गुरचरण सिंह अपने समस्त साथियों और निवासियों के साथ मिलकर नगर निगम आयुक्त को चेतावनी दी है की पेड पार्किंग का यह आदेश 7 दिन के भीतर रद्द कर इस स्थान को पूर्ववत निःशुल्क पार्किंग के लिए छोड़ा जाए। अन्यथा 7 दिन बाद कॉलोनी के सभी 4000 परिवार सड़क पर उतरकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करेंगे। किसी भी प्रकार की कानून व्यवस्था बिगड़ने की जिम्मेदारी नगर निगम की होगी।
निवासियों ने कहा “हम टैक्स देते हैं, पर पार्किंग के नाम पर नया बोझ नहीं सहेंगे। “पार्किंग हमारा हक है, पेड पार्किंग मुर्दाबाद”, “चंडीगढ़ प्रशासन मुर्दाबाद” के नारों के साथ प्रदर्शन किया, इस मौके पर प्रदेश सचिव बिरेन्द्र रॉय, ओम पाल चौटाला, बदन सिंह, ईश्वर सिंह, रोहित चौटाला, विनोद कुमार, अभिषेक कुमार, संदीप कुमार, आनंद कुमार, साहिल कल्याण, काका कल्याण, अंकुश तिवारी, के अलावा सैकड़ों की संख्या में स्थानीय निवासियों ने इस पेड पार्किंग के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। यह जानकारी जारी एक विज्ञप्ति में दी गई।
रामदरबार कॉलोनी में जबरन पेड पार्किंग थोपने पर 4000 परिवारों में आक्रोश, 7 दिन बाद उग्र आंदोलन की चेतावनी
