चंडीगढ़, 29 मई । चंडीगढ़ प्रशासन ने औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 एवं फेज-2, चंडीगढ़ में औद्योगिक भूखंडों के विखंडन (फ्रैगमेंटेशन) से संबंधित चंडीगढ़ मास्टर प्लान (सीएमपी)-2031 में प्रस्तावित संशोधनों के संबंध में एक परिशिष्ट (एडेंडम) जारी किया है। यह कदम औद्योगिक भूमि के अधिकतम एवं प्रभावी उपयोग को प्रोत्साहित करने हेतु चलाए जा रहे विनियमन-शिथिलीकरण (डी-रेगुलेशन) अभियान के अंतर्गत उठाया गया है।
यह परिशिष्ट प्रशासक, केंद्र शासित प्रदेश, चंडीगढ़ की स्वीकृति से जारी किया गया है तथा इसे 22 मई 2026 को अधिसूचित किए गए प्रस्तावित संशोधनों के क्रम में पढ़ा जाएगा। इसका उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 एवं फेज-2, चंडीगढ़ में बड़े औद्योगिक भूखंडों के अधिकतम एवं प्रभावी उपयोग को सुगम बनाना है।
डी-रेगुलेशन-II के अंतर्गत यह प्रस्तावित किया गया है कि औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 एवं फेज-2, चंडीगढ़ में बड़े औद्योगिक भूखंडों को छोटे भूखंडों में विभाजित (विखंडित) करने की अनुमति दी जाए, बशर्ते संशोधित प्लानिंग एवं जोनिंग को स्वीकृति प्राप्त हो तथा लागू नीति के अंतर्गत निर्धारित अन्य शर्तों का अनुपालन किया जाए। ऐसे विखंडन को नियंत्रित करने वाली नीति चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा पृथक रूप से अधिसूचित की जाएगी।
तदनुसार, सीएमपी-2031 के अध्याय-16, जो औद्योगिक क्षेत्रों के लिए विकास नियंत्रण एवं विनियमों से संबंधित है, में वर्तमान प्रावधान, जिसमें विखंडन की अनुमति नहीं है, को हटाकर यह प्रावधान प्रस्तावित किया गया है कि विखंडन संबंधी मानदंड चंडीगढ़ प्रशासन की लागू नीति के अनुसार होंगे, जो संशोधित प्लानिंग एवं जोनिंग की स्वीकृति तथा अन्य निर्धारित शर्तों की पूर्ति के अधीन होंगे।
प्रस्तावित संशोधनों एवं इस परिशिष्ट से संबंधित विस्तृत जानकारी चंडीगढ़ प्रशासन के शहरी नियोजन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट http://urbanplanning.chd.gov.in/ पर उपलब्ध है।
चंडीगढ़ प्रशासन ने औद्योगिक भूखंडों के विखंडन संबंधी चंडीगढ़ मास्टर प्लान-2031 में प्रस्तावित संशोधनों के संबंध में परिशिष्ट किया जारी
