चण्डीगढ़, 6 अप्रैल । बिजली ट्रांसमिशन के एसई तथा एसएलडीसीव ईआईके कार्यकारी अभियन्ताअओं के द्वारा दिनांक 27 मार्च व 30 मार्च 2026 को अलाट किये 61 बिजली पूल के मकानों को बिजली कर्मचारियों को अलाट न कर इन्जीनियरिंग विभाग के अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों को अलाट करने की यूटी पावरमैन यूनियन ने तीखी निन्दा की है तथा इस गैर कानूनी अलाटमैंट की तुरन्त सीबीआई जांच की मांग की है तथा चण्डीगढ़ के प्रशासक से तुरन्त दखल देकर यह अलाटमैंट रद्द करने की मांग की है।
इस सम्बन्ध में आज यूनियन द्वारा विरोध प्रर्दशन कर अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की मांग करते हुए यूटी पावरमैन यूनियन के प्रधान अमरीक सिंह, महासचिव गोपाल दत्त जोशी, उप प्रधान गुरमीत सिंह, विरेन्द्र सिंह, सुरजीत सिंह, भुपिन्दर सिंह, पान सिंह आदि ने इस गल्त तरीके से की गई अलाटमेंट को रद्द करने तथा गैर कानूनी व भाई भतीजावाद के आधार पर अनाधिकृत कमेटी बनाकर बिना तय प्रोसीजर लागू कर बिजली पूल के मकान, इन्जीनियरिंग विभाग के अन्य कर्मचारियों को अलाट करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की। यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि यह अलाटमेंट उस समय की है जब पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय ने प्रशासन को हिदायत दी हे कि कैट द्वारा अन्तिम निर्णय देने तक किसी भी प्रकार की भडकाहट वाली कार्यवाही न की जाये। उसके बावजूद हाउस अलाटमेंट कमेटी (इलैक्ट्रीसिटी) के नाम पर बिना तय प्रक्रिया अपनाये, प्रोविजनल सिन्योरिटी बनाकर उस पर ऑब्जैक्शन मांगने की बजाय तथा तथ्योंको सत्यापित कर
फाईनल सिन्योरिटी लिस्ट बनाये बिना तुरन्त फुरत में 27 मार्च को 51 मकान तथा 30 मार्च को 10 और मकान अपने चहेतों को दे दिये तथा जिन बिजली कर्मचारिय़ों का इन मकानों पर अधिकार था उन्हें छोड़ दिया गया। हैरानी वाली बात यह है कि इतनी बड़ी धांधली हुई है तथा इस पर भी केन्द्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल द्वारा 2 अप्रैल 2026 को इन आर्डरों को स्टे करने के बावजूद 3-4 अप्रैल की छुटिृटयों में मकानों की चाबियां देकर कोर्ट की अवमानना की जा रही है।
वक्ताओं ने संघर्ष को तेज करने का ऐलान करते हुए माननीय प्रशासक से अपील की है कि शीघ्र हस्तक्षेप कर उस गैर कानूनी अलाटमैंट कमेटी को भंग किया जाये तथा अलाटमेंट आर्डर रद्द किये जायें तथा मामले को जांच के लिए सी.बी.आई. को भेजा जाये।
यह जानकारी जारी एक विज्ञप्ति में महासचिव गोपाल दत्त जोशी ने दी।
स्वयं भू अलाटमैंट कमेटी के नाम पर बिजली पूल के 61 मकानों की गैर कानूनी अलाटमैंट की शीघ्र हो सीबीआई जांच: यूनियन
