फैडरेशन ऑफ़ यूटी ईम्पलाइज एंड वर्कर्स चंडीगढ़ ने अलग अलग विभागों में रेलिया कर “मांग दिवस” मनाया गया

फैडरेशन ऑफ़ यूटी ईम्पलाइज एंड वर्कर्स चंडीगढ़ ने अलग अलग विभागों में रेलिया कर “मांग दिवस” मनाया गया
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चंडीगढ़ । अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर दस सूत्रीय केंद्रीय मांग पत्र तथा चंडीगढ़ प्रशासन को दिए गए 14 सूत्री मांग पत्र को लागू कराने के लिए फैडरेशन ऑफ़ यूटी ईम्पलाइज एंड वर्कर्स चंडीगढ़ द्वारा आज 26 फरवरी 2026 को अलग अलग विभागों में रेलिया कर “मांग दिवस”मनाया गया। इस संबंध में बिजली दफ्तर सेक्टर 17, वाटर सप्लाई सेक्टर 15 ,रोड बूथ सेक्टर 29 तथा 31 बागवानी बूथ सेक्टर 40 तथा 47 व सॉलिड वेस्ट प्लांट सेक्टर 25 में रैलिया की गई तथा रैलियों के मार्फत चंडीगढ़ प्रशासन तथा केंद्र सरकार को ज्ञापन भेजे गए।
ज्ञापन में निम्नलिखित मांगों को यथाशीघ्र पूरा करने की मांग की गई।
1) सभी संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाए। संविदा /आउटसोर्स / दैनिक वेतनभोगी रोजगार व्यवस्था को समाप्त किया जाए। राज्य सरकार के विभागों एवं सार्वजनिक उपक्रमों (PSU) में सभी रिक्त पदों को नियमित आधार पर भरा जाए।
2) PFRDA अधिनियम को निरस्त किया जाए; NPS /UPS को समाप्त किया जाए। फंड मैनेजरों को निर्देश दिया जाए कि जमा राशि राज्य सरकारों को वापस करें। EPS-95 के अंतर्गत सभी सदस्यों को परिभाषित लाभ पेंशन प्रणाली में लाया जाए। पेंशन अधिनियम 2025 को निरस्त कर OPS के तहत पेंशनरों के अधिकार बहाल किए जाएं।
3) सभी चार श्रम संहिताओं (Labour Codes) को निरस्त किया जाए। PSU के निजीकरण / निगमीकरण तथा सरकारी विभागों के डाउनसाइजिंग को रोका जाए।
4) 8वें वेतन आयोग (8th CPC) की संदर्भ शर्तों (Terms of Reference) की समीक्षा की जाए। हर पांच वर्ष में नियमित वेतन संशोधन सुनिश्चित किया जाए। न्यूनतम ₹5000 के अधीन मूल वेतन का 10% अंतरिम राहत (Interim Relief) प्रदान किया जाए।
5) कर्मचारियों एवं पेंशनरों सहित संविदा कर्मचारियों के लिए सरकारी सहयोग से व्यापक स्वास्थ्यक्ष/ बीमा योजना लागू की जाए, जिससे सभी अस्पतालों में कैशलेस उपचार सुनिश्चित हो।
6) राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को वापस लिया जाए; शिक्षकों के लिए अनिवार्य TET आदेश को वापस लिया जाए।
7) संविधान के अनुच्छेद 310, 311(2)(a)(b)(c) को निरस्त किया जाए।
5) राज्यों में लंबित DA/DR की सभी किश्तों को प्रभावी तिथि से बकाया सहित जारी किया जाए।
9) केंद्र-राज्य संबंधों को पुनर्परिभाषित किया जाए तथा सहकारी संघवाद (co-operative federalism) की सुरक्षा की जाए।
10) संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता को बनाए रखा जाए तथा सभी प्रकार के सांप्रदायिकता के विरुद्ध संघर्ष किया जाए।
उपरोक्त केंद्रीय मांगों के अलावा बिजली विभाग से निजी कंपनी सीपीडीएल में भेजे गए कांट्रेक्चुअल कर्मचारियों को बिना लिखती पेपर दिए कंपनी में एडजस्ट करने,सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू कर मोडिफाइड एसीपी स्कीम लागू करने, प्रशासन से निजी कंपनी में भेजे गए बिजली कर्मचारियों सभी विभागों में प्रमोशन की पोस्टें शीघ्र भरने व भर्ती नियमों में संशोधन करने, बिजली विभाग से निजी कंपनी में भेज कर्मचारियों को अन्य विभागों में एडजस्ट करने, बदले की भावना से टर्मिनेट किए गए तथा जबरदस्ती रिटायर किये क्रैच वर्कों को तुरंत ड्यूटी पर वहाल करने व् उनको पहले मिल रहा वेतन बहाल करने, एम् सी बागवानी के अधीन चल रही ग्रीन बेल्ट व् पार्कों को एम् ओ यु के मार्फ़त निजी सोसाइटीयो को देना बंद करने, 10 साल पूरे कर चुके हैं सभी डेली वेज कर्मचारियों को पक्का करने व पक्का होने तक बेसिक पे डीए, सीसीए और हाउस रेंट, मेडिकल आदि सभी भत्ते लागू पकरने, छोड़ें गए कर्मचारीयों को साल 2025-26 का संशोधित डी सी रेट देने, रिटायर कर्मचारियों को पेंशनरी लाभ का भुगतान करने, तथा कर्मचारियों की छटनी करने का फैसला रद्द करने समेत आदि मांगों का ज्ञापन भेजा गया। । रैलियों को फेडरेशन के अध्यक्ष गोपाल दत्त जोशी, महासचिव हरकेश चंद, उपाध्यक्ष तथा बागवानी विभाग के महासचिव एवं सुब्रह्मण्य, पब्लिक हेल्थ के प्रधान हरपाल सिंह, यूटी पावर मैन यूनियन के प्रधान अमरीक सिंह, उप प्रधान सुखविंदर सिंह गुरमीत सिंह संयुक्त सचिव कश्मीर सिंह वीरेंद्र सिंह सुरजीत सिंह विनय प्रसाद हरजिंदर सिंह लवप्रीत सिंह सीएससी रोड के मनमोहन, सीएमसी हॉर्टिकल्चर वर्कर यूनियन के उप प्रधान बुधराम अजायब सिंह, गुरप्रीत सिंह फेडरेशन के संयुक्त सचिव बिहारी लाल आदि ने संबोधित किया। यह जानकारी जारी एक विज्ञप्ति महासचिव हरकेश चंद ने दी।

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