चंडीगढ़ । नेशनल ह्यूमन राइट्स एंड एंटी-करप्शन फोर्स (NHRACF), चंडीगढ़ के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदीप कुमार, कार्यवाहक आयुक्त, नगर निगम चंडीगढ़ और चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के सीईओ से भेंट कर ईवी नीति के क्रियान्वयन तथा सीएचबी निवासियों से संबंधित महत्वपूर्ण जनहित मुद्दों को उठाया।
प्रतिनिधिमंडल में कमलजीत सिंह पंची (अध्यक्ष), अनिल वोहरा (चेयरमैन), रजत मल्होत्रा (महासचिव) तथा राजन महाजन (उपाध्यक्ष) शामिल थे।
ईवी फ्री पार्किंग का मुद्दा
प्रतिनिधिमंडल ने अवगत कराया कि चंडीगढ़ इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2022 के अंतर्गत इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को स्वच्छ एवं सतत परिवहन को बढ़ावा देने हेतु सार्वजनिक पार्किंग में निःशुल्क पार्किंग की सुविधा देने की घोषणा की गई थी, जो कथित रूप से 31 मार्च 2027 तक लागू रहने की बात कही गई है।
किन्तु वर्तमान में नगर निगम के अधीन पेड पार्किंग स्थलों पर इलेक्ट्रिक वाहनों से पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है।
प्रतिनिधियों ने कहा कि इससे नीति और उसके क्रियान्वयन के बीच अंतर उत्पन्न हो रहा है, जिससे जनता में भ्रम की स्थिति है तथा ईवी अपनाने की गति प्रभावित हो सकती है। उन्होंने अनुरोध किया कि ईवी नीति के अनुरूप स्पष्ट अधिसूचना जारी कर पात्र इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए निःशुल्क पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
सीएचबी निवासियों की चिंताएँ
प्रतिनिधिमंडल ने चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) के निवासियों में बढ़ते असंतोष पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि CWP 17382 तथा CWP 2309 में पारित अंतरिम आदेशों के अनुपालन के संबंध में जारी नए नोटिसों के कारण निवासियों में असहजता और असंतोष व्याप्त है।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से अनुरोध किया कि निवासियों को अनावश्यक कठिनाइयों से बचाते हुए पारदर्शी, न्यायसंगत और समान नीति अपनाई जाए।
NHRACF ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि संगठन पारदर्शिता, पर्यावरण संरक्षण एवं नागरिक हितों की रक्षा हेतु पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा।
यह जानकारी जारी एक विज्ञप्ति में नेशनल ह्यूमन राइट्स एंड एंटी-करप्शन फोर्स (NHRACF), चंडीगढ़ के महासचिव रजत मल्होत्रा ने दी।

