चंडीगढ़ । पंजाब यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट्स (PUJ) हाल ही में पुलिस की उन कार्रवाइयों की कड़ी निंदा करता है, जिनसे पंजाब के कई ज़िलों में न्यूज़पेपर डिस्ट्रीब्यूशन में रुकावट आई। इसे प्रेस की आज़ादी और जनता के सूचना के अधिकार पर एक बड़ा हमला मानता है।
रविवार को, न्यूज़पेपर ले जा रही गाड़ियों की पुलिस की कड़ी चेकिंग से पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर दिक्कतें हुईं। कई मामलों में, डिलीवरी गाड़ियों को पुलिस स्टेशनों पर रोक लिया गया, जिससे स्टाफ़ को बेवजह परेशान किया गया और पब्लिकेशन के डिस्ट्रीब्यूशन में काफ़ी देरी हुई – या पूरी तरह से रुक भी गया। लुधियाना, गुरदासपुर, रूपनगर (रोपड़), पटियाला, अमृतसर, होशियारपुर और दूसरे ज़िलों से ऐसी घटनाओं की खबरें सामने आई हैं।
ये बेवजह दखल जानकारी के फ्री फ्लो को रोकने के लिए सरकारी मशीनरी का खुला गलत इस्तेमाल दिखाते हैं, जिससे डेमोक्रेसी और पत्रकारिता की आज़ादी के बुनियादी उसूलों को कमज़ोर किया जा रहा है।
PUJ के प्रेसिडेंट हरजिंदर सिंह लाल ने इन कामों की कड़े शब्दों में निंदा की है। लाल ने कहा, “इस बहुत ज़्यादा दखलंदाज़ी का उन सभी लोगों को गुस्सा दिखाना चाहिए जो प्रेस की आज़ादी को महत्व देते हैं।” “हम पंजाब सरकार से अपील करते हैं कि वह अपनी लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों को तुरंत ऐसे काम बंद करने, अखबारों का बिना रुकावट डिस्ट्रीब्यूशन पक्का करने और बोलने की आज़ादी और प्रेस के संवैधानिक अधिकार की रक्षा करने का निर्देश दे।”
PUJ पत्रकारों, मीडिया ऑर्गनाइज़ेशन, सिविल सोसाइटी और डेमोक्रेटिक संस्थाओं से मीडिया की आज़ादी के किसी भी तरह के नुकसान के खिलाफ एकजुट होने की अपील करता है। हम चौथे स्तंभ की आज़ादी की रक्षा के लिए कमिटेड हैं।
यह जानकारी जारी ए विज्ञप्ति में पंजाब यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट्स (रजिस्टर्ड) के प्रेसिडेंट हजिंदर सिंह लाल ने दी।
