चंडीगढ़ । 2 अक्टूबर, महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर लघु उद्योग भारती चंडीगढ़ की कार्यकारिणी टीम ने स्वदेशी और वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष पहल की।
टीम ने खादी से बनी फुलकारी और पारंपरिक चरखा भेंट किया, जो गांधीजी की आत्मनिर्भरता और देशी हस्तशिल्प की प्रेरणा का प्रतीक है। इन्हें माननीय राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया जी को राजभवन में प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही चंडीगढ़ के उद्योगपति द्वारा निर्मित भारत मानचित्र सहित ग्लोब, जिसे पूरे देश में आपूर्ति किया जा रहा है, भी प्रस्तुत किया गया। यह चंडीगढ़ के उद्योगों की राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
लघु उद्योग भारती चंडीगढ़ के अध्यक्ष अवी भसीन ने कहा कि “गांधीजी का चरखा और खादी आज भी आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक है। हमारी कोशिश है कि स्थानीय उद्योगों और पारंपरिक कला को बढ़ावा देकर हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को और मजबूती दें।”
चंडीगढ़ के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने इस अवसर पर प्रोत्साहन संदेश देते हुए कहा कि “स्वदेशी अपनाना न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर को सशक्त बनाता है बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देता है। हमें गर्व होना चाहिए कि चंडीगढ़ के उद्योग ‘वोकल फॉर लोकल’ की दिशा में एक मिसाल कायम कर रहे हैं।”
यह पहल अध्यक्ष अवी भसीन के नेतृत्व में की गई। इस अवसर पर सुनील खेतरपाल, मनीष निगम और प्रभदीप सिंह प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे।
राज्यपाल ने स्वदेशी को प्रोत्साहित किया, लघु उद्योग भारती चंडीगढ़ ने ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को मजबूत किया
