भारतीय वायुसेना और आईआईटी रोपड़ ने रक्षा नवाचार को बढ़ावा देने के लिए हाथ मिलाया

भारतीय वायुसेना और आईआईटी रोपड़ ने रक्षा नवाचार को बढ़ावा देने के लिए हाथ मिलाया
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चंडीगढ़ । भारतीय वायु सेना (आईएएफ) की अनुरक्षण कमान और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रोपड़ ने 24 सितंबर 2025 को भारतीय वायुसेना की स्थायित्व और परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से सहयोगात्मक विकास परियोजनाओं के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
एमओयू का औपचारिक रूप से एयर मार्शल विजय कुमार गर्ग, एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, अनुरक्षण कमान, आईएएफ और प्रोफेसर राजीव आहूजा, निदेशक, आईआईटी रोपड़ के बीच आदान-प्रदान किया गया।
इस साझेदारी का उद्देश्य आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप भारतीय वायुसेना के स्वदेशीकरण प्रयासों को गति प्रदान करना है। इस समझौता ज्ञापन के तहत, भारतीय वायुसेना ने हथियार प्रणालियों के स्थायित्व हेतु प्रौद्योगिकी विकास और स्वदेशी समाधानों से संबंधित प्रमुख फोकस क्षेत्रों की पहचान की है। आईआईटी रोपड़ उन्नत अनुसंधान, व्यवहार्यता अध्ययन और प्रौद्योगिकी प्रदर्शकों के विकास के माध्यम से परामर्श सहायता प्रदान करेगा।
आईआईटी रोपड़ और भारतीय वायुसेना की मेंटेनेंस कमान के बीच सहयोग से भारतीय वायुसेना की आत्मनिर्भरता की इच्छाशक्ति को महत्वपूर्ण प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। यह विशिष्ट रक्षा प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में चुनौतियों का समाधान करने में भी मदद करेगा और साथ ही अकादमिक-सैन्य तालमेल के माध्यम से नवाचार के एक पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देगा।

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