चंडीगढ़ । फेडरेशन ऑफ यू टी एम्पलाइज एंड वर्करज, चंडीगढ़ का 8वां प्रतिनिधि सम्मेलन शनिवार को भकना भवन, चंडीगढ़ में वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र कटोच की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। फेडरेशन के जरनल सेकेट्री गोपाल दत्त जोशी द्वारा संचालित इस सम्मेलन में चंडीगढ़ के अलग-अलग विभागों, बोर्डों व निगम में कार्यरत कर्मचारी संगठनों से चुने हुए लगभग ढाई सौ प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन में अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा, महासचिव ए.श्री कुमार व सेकेट्री एनडी तिवारी भी विषेश तौर पर पहुंचे। फेडरेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र कटोच ने झंडा फहराते हुए सम्मेलन का शुभारंभ किया।सम्मेलन में फेडरेशन के महासचिव गोपाल दत्त जोशी ने पिछले तीन सालों की सांगठनिक एवं आंदोलन की रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिसको प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से पारित किया। सम्मेलन में अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर आठवें पे कमीशन के गठन और ओपीएस आदि 11 सुत्रीय मांग को लेकर 23 सितंबर को धरना प्रदर्शन करने का फैसला लिया।
सर्वसम्मति से राजेन्द्र कटोच प्रधान व हरकेश चंद चुने गए
सम्मेलन में अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा व जरनल सेकेट्री ए.श्री कुमार की देखरेख में सर्व सम्मति से फेडरेशन की नई कमेटी का चुनाव किया गया। जिसमें गोपाल दत्त जोशी को चेयरमैन,राजेन्द्र कटोच को प्रधान,हरकेश चंद को जरनल सेकेट्री, गुरमीत सिंह को वरिष्ठ उपप्रधान, रंजीत सिंह,रेखा गौरा व एमएम सुब्रमण्यम को उप प्रधान,अमरीक सिंह को असिस्टेंट जरनल सेकेट्री,बिहारी लाल, रेणु, हरपाल सिंह,व विनय प्रसाद को संयुक्त सचिव, सुखविंदर सिंह को कार्यलय सचिव, सुनीता शर्मा,नीलम, कश्मीर सिंह,हरदीप सिंह व तरुण जयसवाल को सेकेट्री,पान सिंह को कोषाध्यक्ष, हरजिंदर सिंह,हरदीप सिंह, सिकंदर शर्मा, गुरप्रीत सिंह,तेज मणि व दलजीत सिंह को संगठन सचिव चुना गया।
अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने सम्मेलन में उपस्थित प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए समझौते के बावजूद बिजली मुलाजिमों के नेताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमों व विभागीय दमन एवं उत्पीड़न को समाप्त न करने की कड़ी आलोचना की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर शीघ्र सभी प्रकार के उत्पीड़न की कार्यवाहियों को वापस नहीं लिया तो बिजली कर्मचारी अन्य विभागों के कर्मचारियों को लेकर आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि 16 जनवरी को आठवें पे कमीशन के गठन की घोषणा केन्द्र सरकार ने की थी,जिसकी 8 महीने बीत जाने के खिलाफ अधिसूचना जारी नहीं हुई है। सरकार ने ओपीएस बहाली की यूपीएस लागू कर जले पर नमक छिड़कने का काम किया है। उन्होंने सभी प्रकार के आउटसोर्स कर्मचारियों व स्कीम वर्करों को रेगुलर करने, सरकारी विभागों को सिकोड़ने और पीएसयू को निजी हाथों में सौंपने पर रोक लगाने, लेबर कोड्स व एनसीपी की वापसी की मांग को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की उक्त मांगों को लेकर देशभर में जिला मुख्यालयों पर धरने प्रदर्शन किए जाएंगे। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के जरनल सेकेट्री ए.श्री कुमार ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार नव उदारवादी आर्थिक नीतियों को तेजी से लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि इन नीतियों के कारण आर्थिक असमानता, महंगाई व बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। केवल एक प्रतिशत धनी लोगों के पास 40 प्रतिशत धन-दौलत जमा हो गई है और दूसरी तरफ देश की आबादी के पास केवल तीन प्रतिशत धन-दौलत है। उन्होंने कहा कि ट्रेड यूनियन एवं संवैधानिक अधिकारों को समाप्त करने के खिलाफ 29 श्रम कानूनों को खत्म कर चार लेबर कोड्स बना दिए गए हैं। जिसका तीखा विरोध किया जा रहा है । कॉन्फ्रेंस को ऑल इंडिया किसान सभा के ऑल इंडिया किसान सभा के सीनियर नेता कॉमेडी सुखविंदर सिंह सेखों ने संबोधित करते हुए कर्मचारियों को किसानमूवमेंट से सिख लेने की बात की व कहा कि सरकार की नीति के कारण किसान हसीए पर चले गए हैं जिसके खिलाफ पूरे देश में संयुक्त संघर्ष का माहौल बन रहा है कॉन्फ्रेंस में बिरादरी संगठनों के नेताओं अश्विनी कुमार, ज्वाइंट एक्शन कमेटी सेक्टर 32 हॉस्पिटल सुखबीर सिंह, जॉइंट एशियाई कमेटी सेक्टर 32 हॉस्पिटल विपिन शेर सिंह ऑल कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी महासंघ उजागर सिंह मोही पेंशनर एसोसिएशन ,कौशल्या देवी आंगनवाडी दिनेश प्रसाद सीटू आदि ने अपने बिरादरी संदेश में संयुक्त आंदोलन पर जोर दिया रिपोर्ट पर हुई बहस में 15 से अधिक सदस्यों ने हिस्सा लिया जिसमें अमरीकसिंह एम ऐम सुब्रह्मण्यम, सुखविंदर सिंह, रेखा गोरा नसीब सिंह, हरपाल सिंह, रेनू, बिहारी लाल तरुण जायसवाल, नीलम आदि ने अपनी प्रतिवेदन किया ।अंत में सर्व सम्मति से रिपोर्ट पास कर नई कार्यकारिणी भी सर्वसम्मति से चुनी गई। यह जानकारी जारी एक विज्ञप्ति में चुनाव अधिकारी ध्यान सिंह ने दी।

