15 जुलाई को अखिल भारतीय देश भर में करेगा विरोध प्रदर्शन दिवस

Spread the love

चण्डीगढ़ 12 जुलाई। सरकार करोना आपदा को अवसर में बदलकर कर्मियों पर आर्थिक हमले और जनसेवाओं के विभागों का तेजी से निजीकरण कर रही है। जिसका जवाब कर्मचारी 15 जुलाई 2021 को राष्ट्रीय प्रतिरोध दिवस पर देश भर में प्रर्दषन कर देंगे। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के फैसले के तहत फैड़रेषन ऑफ यूटी इम्पलाईज एण्ड वक्ररज चण्डीगढ़ की 7 जुलाई को हुई कार्यकारिणी के प्रधान रघवीर चन्द की प्रधानगी में हुई। मीटिंग में संघर्ष की रूप रेखा तय की गई। उधर बिजली कर्मचारी पूरे दिन हड़ताल करेंगे।
फैड़रेशन के महासचिव गोपाल दत्त जोषी ने कहा कि 15 जुलाई का प्रर्दषन करोना की आड़ में डेढ़ साल से रोका मँहगाई भत्ता बहाल करने, पुरानी पैंशन बहाल करने, सभी प्रकार के कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने व ठेकेदार को हटाकर सीधे विभाग के अधीन करने व पक्का होने तक बराबर काम के आधार पर बराबर वेतन देने, बिजली, पानी, ट्रांसपोर्ट आदि सरकारी विभागों का निजीकरण रोाकने, संषोधित पोस्टों के आधार पर नियमानुसार प्रमोषन की पोस्टें शीघ्र भरने आदि मांगों के समर्थन में विरोध दिवस पर दर्जनों रैलियां की जायेंगी।
फैड़रेशन के प्रधान रघवीर चन्द, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेन्द्र कटोच, ध्यान सिंह, हरकेश चन्द व अमरीक सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा जनवरी 200 से 18 महिने के लिए रोके गये मँहगाई भत्ते की बहाली न होने से कर्मचारियों व पैंषनरों में रोष बढ़ता जा रहा है। डी ए बहाल न होने से हर महिने प्रति कर्मचारी को 6 से 10 हजार तक नुक्सान उठाना पड़ रहा है। पैंषनरों को करीब साढ़े तीन हजार से 5 हजार का नुक्सान हो रहा है।
फैड़रेशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि 30 जून रिटायर हुए हजारों कर्मियों को ढाई से तीन लाख रूपये का नुक्सान उठाना पड़ा है। सरकार करोना के नाम पर डीए बन्द करके कर्मियों व पैंशनरों के करीब 250 करोड़ हड़प चुकी है। सरकार एक तरफ आर्थिक हमले कर रही है दूसरी तरफ आपदा के अवसर में बदलकर सेवा क्षेत्र सहित बिजली, बैंक, बीमा, ट्रांसपोर्ट, कोयला, खदान, बदंरगाह, एयरपोर्ट, रेलवे, तेल कम्पनियां व अर्डिनेंस फैक्ट्रियों को निजी हाथों में सौंप रही है। पूजीपतियों के हक में श्रम कानूनों को खत्म कर चार लेबर कोडस बनाकर लागू करने शुरू कर दिये है। बिजली अमैन्डमैंट बिल 2021 को वर्तमान मानसून सैशन में पेश करने की जल्दबाजी में उपभोक्ताओं के हितों से खिलवाड़ किया जा रहा है। सरकार के यह कदम कर्मचारियों को हड़ताल के लिए मजबूर कर रहे है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *