पठानकोट में नाके पर तैनात पुलिस टीम पर गोलियाँ चलाने वाले तीन तस्कर 265 ग्राम हैरोइन व पिस्तौल समेत काबू

चंडीगढ़/पठानकोट, 25 अप्रैल। पठानकोट पुलिस ने यहाँ झाकोलहरी के नज़दीक स्पैशल नाकाबंदी में तैनात पुलिस टीम पर गोलियाँ चलाकर फऱार होने की कोशिश करते हुए तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों से 265 ग्राम हैरोइन, यू.एस.ए. की बनी 7.62 एम.एम. गैर-कानूनी पिस्तौल और पाँच कारतूस (दो जीवित) के अलावा एक हुंडई आई 20 कार भी बरामद की है।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान करनदीप सिंह उर्फ करन, मनदीप सिंह उर्फ हैप्पी और हरदीप सिंह उर्फ साबा के तौर पर हुई है, जोकि सभी जि़ला गुरदासपुर के गाँव महमा चक्क के निवासी हैं।
यह घटना शनिवार शाम करीब 7:40 बजे घटी, जब सी.आई.ए. स्टाफ के इंचार्ज नवदीप सिंह के नेतृत्व वाली पुलिस पार्टी ने पठानकोट के झाकोलहरी के नज़दीक अपराधियों और असामाजिक तत्वों को पकडऩे के लिए नाका लगाया हुआ था।
वरिष्ठ पुलिस कप्तान (एसएसपी) पठानकोट गुलनीत सिंह खुराना ने जानकारी देते हुए बताया कि वाहनों की चैकिंग करते समय पुलिस टीम ने अमृतसर की तरफ से आने वाली बिना नंबर प्लेट के एक आई 20 कार को रोका। उन्होंने कहा, ‘‘कार में तीन व्यक्ति बैठे थे और यात्री सीट पर बैठे व्यक्ति ने पुलिस पार्टी पर दो गोलियाँ चलाईं और फऱार होने की कोशिश की, हालाँकि पुलिस टीम ने बहादुरी दिखाते हुए उनको गिरफ्तार कर लिया।’’
एस.एस.पी. ने बताया कि पुलिस टीम सुरक्षित है और तीनों अपराधियों को हिरासत में ले लिया गया है और अगली जाँच जारी है।
एस.एस.पी. गुलनीत सिंह ने कहा कि प्राथमिक जाँच से पता लगा है कि करनदीप का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है और इसके सरहद पार पकिस्तान के तस्करों से भी नज़दीकी सम्बन्ध हैं।
करनदीप पर अमृतसर और गुरदासपुर जि़लों के अलग-अलग थानों में कत्ल और कत्ल की कोशिश, आर्मज़ एक्ट और एन.डी.पी.एस. एक्ट के अंतर्गत कम से कम 12 आपराधिक मामले चल रहे हैं और वह पुलिस थाना स्पैशल टास्क फोर्स, एस.ए.एस. नगर में एन.डी.पी.एस एक्ट की धारा 21 के अधीन दर्ज एफ.आई.आर नं. 98, तारीख़ 20.08.2020 में भी अपेक्षित है, जिसमें एस.टी.एफ. अमृतसर द्वारा 4 किलो 210 ग्राम हैरोइन बरामद की गई थी। जबकि दोषी मनदीप सिंह पर भी कत्ल और कत्ल की कोशिश और आर्मज़ एक्ट के अंतर्गत छह आपराधिक मामले चल रहे हैं।
जि़क्रयोग्य है कि पुलिस थाना सदर पठानकोट में आई.पी.सी. की धारा 307, 186, 353, 34, आर्मज़ एक्ट की धारा 25 और एन.डी.पी.एस. एक्ट की धारा 21-29-61-85 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।

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