अब युवाओं को नौकरी तलाशने की बजाय अपना खुद का रोजगार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना है: मूलचंद्र शर्मा

चंडीगढ़, 17 अप्रैल। हरियाणा सरकार ने प्रदेश के युवाओं में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के मकसद से प्रदेश में स्थित सरकारी और निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों से आईटीआई कोर्स पास करने के बाद उद्यमी बनने वाले उम्मीदवारों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। इस योजना का मकसद हरियाणा राज्य की आईटीआई से पास युवाओं को नौकरी तलाशने की बजाय अपना खुद का रोजगार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
प्रदेश के कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री मूलचंद शर्मा ने बताया कि इसके लिए एक नई योजना को स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के तहत जिला स्तर पर तीन श्रेष्ठ उद्यमियों को ‘उद्यमी अवार्ड’ तथा क्रमशः 10000 रुपये, 7500 रुपये और 5000 रुपये का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह पुरस्कार हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि द्वारा प्रदान किया जाएगा।
कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री ने बताया कि जिला स्तर के इन सभी 66 ‘उद्यमी अवार्ड’ विजेताओं में से तीन उद्यमियों को हर साल 15 जुलाई को विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया जाएगा। पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर आने वाले उम्मीदवारों को क्रमशः 50,000 रुपये, 40000 रुपये और 30000 रुपये का राज्य स्तरीय नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अवार्ड के लिए केवल उन्हीं उद्यमियों पर विचार किया जाएगा, जिन्होंने उसी ट्रेड या सेक्टर में अपना कारोबार अथवा उद्यम शुरू किया हो, जिससे उन्होंने आईटीआई पास की है। उम्मीदवारों ने आईटीआई पास करने के एक से 4 वर्ष के बीच अपना कारोबार हरियाणा के किसी स्थान पर या फिर चंडीगढ़ में शुरू किया होना चाहिए। उसने जो कारोबार शुरू किया है, वह उसका पैतृक कारोबार नहीं होना चाहिए। उस कारोबार से, इस अवधि के दौरान एक वर्ष से अधिक के लिए उसकी मासिक आय निरंतर 20,000 रुपए से अधिक होनी चाहिए। इसके अलावा, यदि उम्मीदवार ने कारोबार किसी के साथ भागीदारी में शुरू किया है तो उसमें उसकी अग्रणी भूमिका होनी चाहिए और इस पहल के तहत उसे पहले सम्मानित न किया गया हो।
मूलचंद शर्मा ने बताया कि इस पुरस्कार हेतु आवेदन आमंत्रित करने के लिए विभाग द्वारा हर साल अक्टूबर माह में विज्ञापन जारी किया जाएगा और उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला शिक्षुता एवं आत्मनिर्भर कमेटी जिला स्तरीय पुरस्कारों के लिए प्रत्येक वर्ष 31 दिसंबर से पहले प्राप्त आवेदनों में से विजेता तीन उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप देगी। उन्होंने बताया कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के सहायक प्रशिक्षुता सलाहकार-एवं-प्रिंसिपल को इस योजना के बारे में स्थानीय उद्योगों, आईटीआई से पासआउट और प्रशिक्षण करने वाले युवाओं में जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए गए हैं।

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