असमानता को समाप्त करने के लिए शिक्षा के माध्यम अपनाए दलित युवा: कैंथ

पटियाला /चंडीगढ़, 14 अप्रैल। बाबा साहब डॉ अंबेडकर की 130 वीं जयंती मनाने के लिए पटियाला बस स्टैंड चौक पर डॉ अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए, नैशनल शेड्यूल्ड कास्टस अलायंस के अध्यक्ष परमजीत सिंह कैंथ ने कहा कि डॉ बाबा साहिब अंबेडकर एक प्रसिद्ध एक अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और समाज सुधारक थे और बाबासाहेब अम्बेडकर ने कोलंबिया विश्वविद्यालय और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की और कानून, अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान में अनुसंधान के एक विद्वान के रूप में प्रसिद्ध हुए। अपने करियर की शुरुआत में, वे एक अर्थशास्त्री, प्रोफेसर और वकील थे। बाद के जीवन में वे राजनीतिक गतिविधियों में शामिल थे, भारत की स्वतंत्रता के लिए प्रचार और प्रकाशन, पत्रिकाओं का प्रकाशन, राजनीतिक अधिकारों की वकालत और जनता के लिए सामाजिक स्वतंत्रता के कारण और भारत की स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान दिया। भेदभाव के खिलाफ अभियान चलाया,महिला और श्रमिक अधिकार का समर्थन किए वे स्वतंत्र भारत के कानून और न्याय मंत्री, भारतीय संविधान के निर्माता और भारतीय गणराज्य के संस्थापक थे।
कैंथ कहा कि आज पंजाब में राजनीतिक दल अनुसूचित जातियों मे अपना वोट बैंक बनाने की पूरी कोशिश कर रहे है और दलितों को लुभाने के लिए और विधानसभा चुनाव के लिए उपमुख्यमंत्री बनाने की घोषणा कर रहे है।लेकिन अनुसूचित जाति की मासूम बेटीई के साथ पंजाब में मार्च और अप्रैल में बलात्कार और हत्या की दुखद घटनाएं हुई हैं, लेकिन किसी भी राजनीतिक दल ने कार्रवाई के लिए अपनी आवाज उठाने की हिम्मत नहीं की है। इसके बजाय, वे मूक दर्शक बन गये।
श्री कैंथ ने कहा कि बाबा साहिब अंबेडकर ने कहा था कि सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक और आर्थिक समानता और सशक्तिकरण को प्राप्त करने के लिए एक समर्पित नेतृत्व के साथ लड़ना होगा और दलित को शिक्षित होकर ही प्रगति की जा सकती है।

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