किसान शिक्षित एवं जागरूक होगा तभी प्रदेश व देश खुशहाल होगा: जयप्रकाश दलाल

चण्डीगढ़, 2 अप्रैल। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जयप्रकाश दलाल ने अधिकारियों से कहा कि किसानों का शिक्षित एवं जागरूक होना बहुत जरूरी है इसलिए इस विषय पर विशेष ध्यान देना होगा। अगर किसान शिक्षित एवं जागरूक होगा तभी उन्नति एवं प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ेगा तथा प्रदेश व देश खुशहाल होगा। उन्होनें अधिकारियों से आहवान किया कि किसानों की जानकारी के लिए रासायनिक दवाईयों एवं खादों के प्रयोग हेतू विशेष अभियान चलाएं।
वे आज जींद में राज्य स्तरीय अधिकारी सम्मेलन एवं बुद्धिशीलता सैशन पर एक दिवसीय कार्यक्रम को विडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में शामिल हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे एक विजन दस्तावेज तैयार करें और इसी वित्त वर्ष के दौरान इस दस्तावेज को अमलीजामा पहनाने पर जोर दें ताकि किसानों को सीधा फायदा हो। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक डॉ. हरदीप सिंह ने की। इस कार्यक्रम में हरियाणा किसान कल्याण विभाग के सभी अतिरिक्त कृषि निदेशक,संयुक्त निदेशक, उप कृषि निदेशक, सहायक मृदा संरक्षण अधिकारी, सहायक कृषि अभियंता व सहायक आंकड़ा अधिकारियों ने भाग लिया।
डॉ. मिश्रा ने किसानों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की और कहा कि आज बदलाव का दौर है, बहुत कुछ बदल गया है और बहुत कुछ बदल रहा है व भविष्य में भी बहुत कुछ बदलने वाला है, इसके लिए विभाग को तैयारियां शुरू कर देनी चाहिए। अधिकारियों को नई पद्वतियों से रूबरू करवाने हेतू ट्रैनिंग का एक नया मोडयूल तैयार करना होगा, जिसमें समय की बचत के साथ- साथ पैसे का भी सदुपयोग किया जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि किसानों के हित के लिए सीआरएम, आईईसीव, सोयल हैल्थ कार्ड जैसी योजनाओं पर और गम्भीर प्रयास करें। उन्होंने अधिकारियों का आहवान किया कि मेरी फसल-मेरा ब्यौरा योजना मुख्य रूप से कृषि विभाग की योजना है, अधिकारियों को इस योजना को पूर्ण रूप से लागू करवाने के लिए और ज्यादा प्रयास करने की जरूरत है।
उन्होंने अधिकारियों से कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए फसल विविधीकरण, मेरा पानी- मेरी विरासत, फसल अवषेश प्रबंधन, आधुनिक कृषि यंत्रों का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करने और कृषि विस्तार शिक्षा का आधुनिकरण, कृषि विस्तार तकनीकों का उच्चतम प्रयोग, बीज उपचार व मिट्टी-पानी की जांच जैसी मुख्य तकनीक का अधिक से अधिक सरल भाषा में प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए ताकि सभी किसानों को इसका अधिक से अधिक लाभ हो सके।
कार्यक्रम के दौरान कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक डॉ. हरदीप सिंह ने समाज के प्रति जिम्मेदारी से अवगत करवाते हुए कहा कि हमें सामाजिक दायित्वों का निर्वाहन करना चाहिए। हम अपने असली दायित्वों को छोड़ते जा रहे है। अभी किसानों की रबी की फसल पककर तैयार है तथा अनाज मण्डियों में गेंहू की आवक शुरू हो गई है और सभी मंडियों में कृषि विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मण्डियों में फसल खरीद से सम्बंधित विभागों के अधिकारियों के साथ तालमेल करें ताकि किसानों को अपनी उपज को बेचने में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। महानिदेशक ने जीवन में जल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें जल बचाने को लेकर अभियान चलाना चाहिए ताकि आने वाली पीढियों के लिए हम जल का संचय कर सके। कार्यक्रम में महानिदेशक ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर अधिक से अधिक प्रोजेक्ट बनाएं व उनको सही तरीके से किसानों तक पहुचाने का प्रयास करें ताकि किसानों को ज्यादा लाभ मिल सके।
कार्यक्रम में जींद के उपायुक्त डॉ. आदित्य दहिया ने अतिरिक्त मुख्य सचिव को विश्वास दिलाया कि जिला में कृषि विभाग द्वारा किसानों के कल्याण के लिए जो भी योजनाएं चलाई जा रही है उसका पूरा लाभ हर हाल में किसानों को पंहुचाया जा रहा है और भविष्य में भी किसानों की भलाई के लिए और अधिक प्रयास किए जाएंगे। इस मौके पर हमेटी के निदेशक डॉ. कर्मचन्द, उपनिदेशक डॉ. वजीर चौहान, तकनीकी सहायक डॉ. रणजीत सिंह, ट्रैनिंग ईंचार्ज बलजीत सिंह भी उपस्थित रहे।

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