ग्रीवेंस रिड्रेसल मेकैनिज्म पोर्टल पर दर्ज करवाएं शिकायतें: डॉ. चौहान

करनाल, 23 जून। प्रदेश के तालाबों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए हरियाणा सरकार निरंतर प्रयासरत है। इसी दिशा में पहल करते हुए सरकार ने ग्रीवेंस रिड्रेसल मेकैनिज्म पोर्टल लॉन्च किया है जिस पर ग्रामीण अपने गांव के तालाबों एवं जोहड़ों से संबंधित समस्याओं को दर्ज कर सकते हैं। एक निर्धारित समय अवधि के दौरान इन समस्याओं का निपटारा कर दिया जाएगा। यह जानकारी हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष एवं भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने ग्रामोदय वार्ता में बाल राजपूतान के ग्रामीणों से बातचीत के दौरान दी। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने प्रदेश के सभी तालाबों की खुदाई करवाकर उनके संरक्षण और सौंदर्यीकरण का काम शुरू किया है। सरकार प्रदेश के सभी 25 हजार छोटे-बड़े जलाशयों से अवैध कब्जे हटाकर उनका सौंदर्यीकरण करेगी। हर जिले में ऐसे 75 सुंदर तालाबों को अमृत सरोवर नाम दिया जाएगा।
परिचर्चा में जुड़े हरियाणा तालाब एवं अवशिष्ट जल प्राधिकरण के वरिष्ठ अभियंता एवं तकनीकी सलाहकार एच.पी. शर्मा ने कहा कि हरियाणा तालाब प्राधिकरण ने गांव बाल राजपूतान में काफी काम किया है। जोहडों से गाद एवं मिट्टी निकलवा कर उसके चारों ओर बंध बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा लोगों के घूमने के लिए रास्ते भी बनवाए जा रहे हैं। गंदे पानी की सफाई के लिए एक विशेष तकनीक कंस्ट्रक्टेड वेटलैंड का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके तहत गंदे पानी को पत्थरों से गुजार कर उसे साफ किया जाता है और वापस तालाबों में भेजा जाता है। तालाबों में अतिरिक्त पानी आ जाने पर उसे लघु सिंचाई योजना के तहत खेतों में भेजा जाता है।
एच.पी. शर्मा ने बताया कि मूनक और उसके आसपास के गांवों के अनेक तालाबों का विभिन्न योजनाओं के तहत चयन किया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रीवेंस रिड्रेसल वेबसाइट को मोबाइल पर भी खोला जा सकता है और शिकायतों को दर्ज किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अमृत सरोवर योजना के तहत असंध से 2, जयसिंहपुरा और जलमाना से 1-1, रत्तक से 2, सालवन से 7, उपलाना से 3, बल्ला से 2, मोरमाजरा से 1, मूनक से 2, पाढा से 2, दुवेडी से 2, खिजराबाद से 1 और पघाला से भी 1 तालाब का चयन किया गया है।
इस परिचर्चा में गांव बाल राजपूतान के कई ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। ग्रामीण किरणपाल ने बताया कि गांव की आबादी 10 हजार के करीब है जिसमें लगभग 4000 मतदाता हैं। गांव में 4 पट्टियां हैं जिनमें 36 बिरादरियां शांतिपूर्वक निवास करती हैं। यह गांव बाल राजपूतान के नाम से विख्यात है। यहां बहुसंख्यक आबादी राजपूतों की है। इनके बाद ब्राह्मण और रोड बिरादरी की आबादी लगभग समान है। बाल राजपूतान में करीब 5 जोहड़ हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस गांव में तालाबों से पानी ओवरफ्लो होने की समस्या प्रमुख है। परिचर्चा में किरणपाल के अलावा दीपचंद, राजेंद्र चौकीदार, राधा जी, नरेश कुमार, राधेश्याम, धनपत, किशोर, गुलाब सिंह, सत्यपाल, वेदपाल, हरिचंद, ज्ञानीराम, प्रताप, राममेहर आदि ग्रामीणों ने भाग लिया।

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