अंबाला छावनी में 9 मई को ‘अटल कैंसर केयर केंद्र’ होगा शुरू

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चंडीगढ़, 6 मई। हरियाणा के अंबाला छावनी में 9 मई को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल व राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जे.पी नड्डा ‘अटल कैंसर केयर केंद्र’ का उदघाटन करेंगे। इस अवसर पर हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज व सांसद रतन लाल कटारिया भी उपस्थित रहेंगे।
एक सरकारी प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अंबाला छावनी के सिविल अस्पताल में स्थापित किए गए ‘टैरटियेरी केयर कैंसर सैंटर’ (टीसीसीसी) यानि ‘अटल कैंसर केयर केंद्र’ से हरियाणा ही नहीं पड़ोसी राज्य जैसे पंजाब, हिमाचल और उत्तराखंड आदि के कैंसर रोगियों को भी सुलभ, सस्ती और व्यापक उपचार मिलने में सहायता मिलेगी।
उन्होंने बताया कि अंबाला छावनी में 50 बिस्तरों वाले टीसीसीसी की स्थापना के लिए हरियाणा सरकार ने भारत सरकार को एक प्रस्ताव भेजा था जिसे वर्ष 2017 में अनुमोदित कर दिया गया और फिर इसकी आधारशिला स्वास्थ्य मंत्री ने जुलाई 2018 में रखी गई थी। हालांकि केंद्र सरकार की योजना के अनुसार तो इस पर 45 करोड़ रूपए ही खर्च करना था परंतु राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को नवीनतम अत्याधुनिक उपकरणों से लैस करने का अनुरोध किया जिसको स्वीकृत कर लिया गया जिसके कारण परियोजना लागत को संशोधित कर 72.127 करोड़ रुपए कर दिया। इसमें आधुनिक उपकरणों पर 43.98 करोड़ और भवन एवं सेवाओं की पर 28.18 करोड़ रूपए खर्च हुए हैं। उन्होंने बताया कि यह टीसीसीसी माध्यमिक स्तर के संस्थानों में अपनी तरह का पहला संस्थान है। यहां पर रेडियोथेरेपिस्ट, मेडिकल फिजिसिस्ट, आरटीटी आदि अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसमें विभिन्न विशिष्ट पद (सर्जिकल, मेडिकल और रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट, रेडिएशन फिजिसिस्ट कम आरएसओ, रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजिस्ट) और अन्य एचआर सृजित किए गए हैं।
प्रवक्ता ने यह भी बताया कि इस ‘अटल कैंसर केयर केंद्र’ में कैंसर रोगियों को ओपीडी, आईपीडी, प्रशामक देखभाल सेवाएं प्रदान की जाती हैं। मैमोग्राफी यूनिट चालू की गई है। खास बात यह है कि इस केंद्र में नवीनतम उपकरण जैसे लीनियर एक्सेलेरेटर, ब्रेकीथेरेपी यूनिट, सीटी सिम्युलेटर आदि स्थापित किए गए हैं जो पीजीआईएमएस रोहतक में भी उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने बताया कि लीनियर एक्सेलेरेटर ट्यूमर के इलाज में हाई-एनर्जी एक्स-रे या इलेक्ट्रॉन छोड़ता है जो कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करता है। ब्रेकीथेरेपी आंतरिक बीम विकिरण चिकित्सा प्रदान करती है और अक्सर इसका उपयोग सिर और गर्दन, स्तन, गर्भाशय ग्रीवा, प्रोस्टेट आदि के कैंसर के इलाज के लिए किया जाता है। उन्होंने बताया कि आईसीएमआर ने टीसीसीसी, अंबाला छावनी के लिए ‘होस्पिटल बेस्ड कैंसर रजिस्ट्री’ को भी मंजूरी दी है, जो बार-बार होने वाली विशेष जगहों और कैंसर के प्रकार के बारे में जानकारी प्रदान करेगा।
प्रवक्ता ने प्रदेश की खास स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा राष्ट्रीय कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग और स्ट्रोक (एनपीसीडीसीएस) की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत सभी जिलों में 30 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों की स्क्रीनिंग (पीबीएस) की जा रही है। कैंसर के निदान के लिए प्रयोगशालाओं को मजबूत किया गया है और जिला सिविल अस्पतालों में फाइन नीडल एस्पिरेशन साइटोलॉजी (एफएनएसी), पैप स्मीयर, फ्लूइड साइटोलॉजी, बायोप्सी आदि किए जा रहे हैं।
इसके अलावा, कैंसर के मरीजों को इलाज और फॉलो-अप के लिए एक सहयोगी के साथ हरियाणा रोडवेज की साधारण बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा (एफटीएफ) प्रदान की जा रही है जिसका हर साल करीब 5000-6000 रोगी लाभ उठाते हैं।

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