गर्भवती माताओं और नये जन्में बच्चों का शत प्रतिशत टीकाकरण करके गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता: राज्यपाल

गर्भवती माताओं और नये जन्में बच्चों का शत प्रतिशत टीकाकरण करके गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता: राज्यपाल
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चंडीगढ़ 15 मार्च। हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि गर्भवती माताओं और नये जन्में बच्चों का शत प्रतिशत टीकाकरण करके गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है। इससे देश में मृत्यु-दर में गुणात्मक कमी आएगी और एक स्वस्थ भारत का निर्माण होगा।
दत्तात्रेय ने राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस पर देश में वैक्सीन के सफलतापूर्वक अभियान पर प्रदेश की जनता और सरकार को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह सब लोगों के सहयोग से हो पाया है। देश में बनी कोविड-रोधी कोवैक्सीन और कोविशील्ड वैक्सीन से जहां देश को बचाया गया है, वहीं 90 से अधिक देशों में भी वैक्सीन की दवा भेजी गई है।
उन्होंने कहा कि भारत में अभी तक 181 करोड़ से अधिक वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज दी गई है, जिसमें से 98 करोड़ को पहली और 81 करोड़ से भी अधिक लोगों को दूसरी डोज दी गई है। 15 से 18 आयु वर्ग के बच्चों को 5.68 करोड़ वैक्सीन दी गई है। अब 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को 2 करोड़ से अधिक ऐतिहासिक खुराक दी जा चुकी है। वैक्सीन के इस सफलतापूर्वक अभियान के चलते आज से राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस पर 12 से 14 आयु वर्ग के बच्चों को कोविड-रोधी वैक्सीन देने की शुरुआत भी की जा रही है।
दत्तात्रेय ने कहा कि हरियाणा में भी टीकाकरण अभियान बेहद सफल हुआ है। प्रदेश में 410 लाख से अधिक कोरोना-रोधी डोज दी गई  है।   जिसमें से 228 लाख पहली और 182 लाख दूसरी डोज दी गई है। देश में प्रभावी रूप से टीकाकरण के कारण कोरोना हार की कगार पर है। पिछले 24 घंटें में लगभग 2400 लोग करोना से संक्रमण पाए गए। यह पिछले 22 महीने में पाये गए कोरोना मामलों का सबसे कम आंकड़ा है।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 टीकाकरण अभियान हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मजबूत नेतृत्व व देश के वैज्ञानिकों, डॉक्टरों की प्रतिबद्धता से सफल हो पाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पुणे, हैदराबाद और अहमदाबाद की लैब में स्वयं जाकर कोविड वैक्सीन के निर्माण की समीक्षा की और वहां वैज्ञानिकों को बधाई दी।
वर्तमान में बायोलोजिकल ई0 लिमिटेड की प्रबंध निदेशक डा0 महिमा दतला कोविड की तीसरी लहर के लिए कोर्वोवैक्स नामक वैक्सीन-रोधी निर्माण करने में लगी है। जिसे केन्द्रीय अनुसंधान संस्थान कसौली में परीक्षण के लिए भेजा गया है। शीघ्र ही इसके सकारात्मक परिणाम आएंगे। उन्होंने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया पुणे, भारत बायोटेक हैदराबाद, जायडस कैडिला अहमदाबाद, डा0 रेड्डी लेबोरेटरीज हैदराबाद, और पैनेसिया बायोटेक न्यू दिल्ली व अन्य संस्थाओं के कार्यों की सराहना की। भारत में पहले भी पोलियो-रोधी टीकाकरण शत प्रतिशत सफल रहा है। इसके साथ-साथ बच्चों में होने वाली डिप्थीरिया, पर्टुसिस, टेटनस, पोलियो, खसरा, तपेदिक हेपेटाइटिस बी, हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप बी (हिब) और दस्त से बचाने के लिए यूनिवर्सल टीकाकरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और बच्चों के मृत्यु दर में कमी आई है।
दत्तात्रेय ने डाक्टरों और स्वास्थ कर्मचारियों और आमजन से अपील की है कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण की गति को बढ़ाएं और सुनिश्चित करें कि सभी गर्भवती माताओं और नए जन्में बच्चों का शत प्रतिशत टीकाकरण हो जिससे एक स्वस्थ भारत का निर्माण होगा।

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