चण्डीगढ़, 28 फरवरी। आई.सी.सी.डब्लयू डब्लयू कर्मचारी यूनियन ने आई.सी.सी.डब्लयू प्रशासन के नकारात्मक मुलाजम विरोधी रवैये के खिलाफ कर्मचारी यूनियन की मीटिंग प्रधान रेखा शर्मा की अध्यक्षता में की गई। मीटिंग में बताया कि कर्मचारी यूनियन लंम्बित पड़ी मांगों को लागू करवाने के लिए लगातार संघर्ष कर रही है। दिनांक 19.01.2022 को कर्मचारी यूनियन ने रोष मार्च के दौरान चण्डीगढ़ प्रशासक के सलाहकार कम प्रधान आई.सी.सी.डब्ल्यू को कोषाध्यक्ष के द्वारा ज्ञापन दिया था। कोषाध्यक्ष व संस्था सचिव ने कर्मचारी यूनियन को आश्वासन दिया था कि कर्मचारियों की मांगों को फरवरी माह में लागू करवाने का आश्वासन दिया था। कर्मचारी यूनियन ने रोष मार्च के कार्यक्रम को बाल भवन में स्थगित कर दिया था। परन्तु फरवरी माह भी पूरा बीत गया। कर्मचारियों को किसी भी मांग को लागू नहीं किया ना ही कर्मचारी यूनियन को कोई जानकारी दी गई कि क्या प्रक्रिया चल रही है। जिससे साफ जाहिर होता है कि आई.सी.सी.डब्ल्यू प्रशासन ने टकराव की नीति अपना रखी है। इसके अलावा कर्मचारियों के छोटे छोटे मुद्दे भी हल नहीं किये जाते। आई.सी.सी.डब्ल्यू के अधिकारी आर.टी.आई एक्ट के अधीन कर्मचारियों को जानकारी भी नहीं देते है। पूर्ण तोर पर जंगल राज कायम कर रखा है। कर्मचारियों की मांगों को प्रशासन गम्भीरता से नहीं ले रहा है। मंहगाई लगातार बढ़ रही है। मंहगाई के कारण कर्मचारियों को आर्थिक तौर पर भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परन्तु अधिकारी केवल अपना समय व्यतीत कर रहे हैं। इन तथ्यों को सामने रखते हुए कर्मचारी यूनियन ने दिनांक 04.03.2022 को बाल भवन में रोष रैली करने का फैसला किया है। समझोतेके बाद बिजली कर्मचारियों के उपर चण्डीगढ़ प्रशासन द्वारा बदले की भावना से दण्डांत्मक कार्यवाही करने की भी कड़े शब्दों में निन्दा की। यह जानकारी जारी एक विज्ञप्ति में महासचिव बिहारी लाल ने दी।
