चंडीगढ़, 22 फरवरी। सैक्टर 38 (वैस्ट) में 21 फरवरी को रात 1:00 बजे के आसपास बिजली चली गई और चारों ओर कूप अंधेरा छा गया। न घरों में लाईट थी और न सड़कों पर स्ट्रीट लाईट। लोगों ने सुबह मोमबत्ती या मोबाइल की लाईट में चाय बनाई।
रेजिडेंट्स वेल्फेयर एसोसिएशन, सैक्टर 38 (वैस्ट), चंडीगढ़ के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने जारी एक बयान में बताया कि बिना गीजर के नहाने-धोने में बहुत मुश्किल हुई। चूंकी आजकल पढ़ाई भी ऑन-लाइन हो रही है तो बच्चों को भी पढ़ने में खासी दिक्कत हुई। कंप्यूटर न चलने की वजह से सभी कार्य ठप्प हो गए। खाना बनाने के लिए न मिक्सी चल रही थी और न ही बुजुर्गों के टाईम-पास के लिए टेलीविजन। फ्रिज में रखा हुआ खाने का समान भी खराब हो गया। बिना बिजली के ऐसा लग रहा था कि हम पाषाण युग में रह रहे हैं और जीवन जैसे बिल्कुल रुक सा गया हो। यदि देर शाम तक भी बिजली न आयी तो लोग अंधेरे में कैसे रहेंगे। लोग सारा दिन प्रशासन द्वारा जारी किये गए हेल्प-लाइन नंबर्स पर फोन करते रहे परंतु किसी ने कंप्लेंट अटेंड नहीं की। परंतु इन सभी परेशानियों के बावजूद हम यू.टी. पावर-मैन यूनियन के साथ खड़े हैं और चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा बिजली विभाग के निजीकरण का विरोध करते हैं।
बिना बिजली के जीना हुआ दुश्वार, लगा पाषाण युग में रह रहे हैं: पंकज गुप्ता
