चण्डीगढ़, 14 फरवरी। बिजली विभाग के निजीकरण के खिलाफ आज खुड्डा अलीशेर गुरूद्वारा साहिब में आम सभा हुई जिसमें गांव के पूर्व सरपंच, पंच, ऐरिया पार्षद, गुरूद्वारा प्रबन्धक कमेटी के सदस्य व पेन्डू संघर्ष कमेटी के नुमाईंदे शामिल हुए।
आम सभा कसे सम्बोंधित करते हुए पूर्व सरपंच बाबा गुरदयाल सिंह, पूेन्डू संघर्ष कमेटी के महासचिव गुरप्रीत सिंह सोमल, गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के जत्थेदार गुरदयाल सिंह, पार्षद जगतार सिह जग्गा आदि ने सम्बोधित करते हुए सभ्पाी ग्राम वासियों से बिजली विभाग के निजीकरण के खिलाफ कर्मचारियों की 22 फरवरी से हो रही 72 घंटे की हड़ताल का समर्थन करने व 15 फरवरी को निजीकरण के खिलाफ शिवालिक होटल, सैक्टर 17 चण्डीगढ़ के साथ वाले मैदान में हो रहे धरने में भारी संख्या में शामिल होने का ऐलान किया।
वक्ताओं ने निजीकरण का पुरजोर विरोध् करते हुए कहा कि बिजली विभाग की कारगुजारी काफी तसल्ली बख्श है। कम गिनती के बावजूद कर्मचारी रात दिन मेहनत कर निर्विघ्न बिजली सप्लाई दे रहे हैं। पिछले 5 साल से बिजली की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है फिर भी विभाग लगातार मुनाफे में चल रहा है व पिछले 5 सालों में औसतन 1000 करोड़ से ज्यादा का मुनाफा हो चुका है लेकिन फिर भी विभाग को 871 करोड़ में बेचा गया है वह भी उस कम्पनी को जो सिर्फ 2 साल पहले अस्तित्व में आई है तथा पिछले साल यह कम्पनी घाटे में रही है फिर भी विभाग को इसे बेचा जा रहा है। यही नहीं 20-25 हजार करोड़ के लागत वाले विभाग की जमीन को 25 साल के लिए 1 रूपये प्रति महिना लीज पर दिया जा रहा है जो सार्वजनिक सम्पत्ति की सीध्ी लूट है। सभी वक्ताओं ने कहा कि अगर विभाग का निजीकरण कर कम्पनी के हवाले कर दिया गया तो बिजली की दरें कई गुना बढ़ जायेंगी जिससे बिजली आम आदमी की पहुंच से बाह हो जायेगी। इसलिए पूरे जोर से सरकार के फैसाले का विरोध् किया जायेगा। वक्ताओं ने 22 फरवरी 2022 से 72 घंटे की बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन किया तथा 15 फरवरी को सभी जनसंगठनों द्वारा शिवालिक होटल के साथ वाले मैदान में की जा रही पबिलक रैली में भारी संख्या में शामिल होने की अपील की। यह जानकारी महासचिस गुरप्रीत सिंह सोमल ने जारी एक विज्ञप्ति में दी।
