चंडीगढ़, 13 फरवरी। सीटीयु में किलोमीटर स्कीम में ली जा रही प्राइवेट बसों के खिलाफ चल रहे संघर्ष को उस समय और बल मिला जब कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ गोरमिंट एण्ड एमसी इंपलाईज एंड वरर्क यूटी चंडीगढ़ की और से संघर्ष में शामिल होने का फैसला किया गया।
कोआर्डिनेशन कमेटी के प्रधान सतिंदर सिंह, महासचिव राकेश कुमार ने प्रेस को बताया कि सीटीयू के कर्मचारी पिछले दो महीनों से निजीकरण के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं लेकिन यूटी प्रशासन बात सुनने को तैयार नहीं है। अफसरशाही सीटीयू विभाग का निजीकरण करके और आउटसोर्स की तलवार कर्मचारियों पर लटका कर ठेकेदारी सिस्टम और निजीकरण को बढ़ावा दे रही है, इस कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ गवर्नमेंट एंड एमसी एम्पलॉइज एंड वर्कर्स यूटी चंडीगढ़ ने फैसला लिया है कि 15 फरवरी को कोऑर्डिनेशन कमेटी की लीडरशिप निजीकरण के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठेंगे। नेताओं ने यूटी प्रशासन से मांग की है कि सीटीयू की 417 बसों का फलीट जल्द पूरा किया जाए, किलोमीटर स्कीम में खरीदी जा रही प्राइवेट बसों के टेंडर को रद्द करके सीटीयू के बेडे की सरकारी बसों की खरीद की जाए और खाली पढी पोसटें जल्द भरी जाए। यह जानकारी कोआर्डिनेशन कमेटी के प्रधान सतिंदर सिंह ने जारी एक बयान है।
