राजनीतक पार्टियां और चुनाव लड़े रहे उम्मीदवार भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समय-सीमा बीतने से पहले अपराधिक पृष्टभूमि सम्बन्धी जानकारी प्रकाशित करवाएं: डॉ. राजू

राजनीतक पार्टियां और चुनाव लड़े रहे उम्मीदवार भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समय-सीमा बीतने से पहले अपराधिक पृष्टभूमि सम्बन्धी जानकारी प्रकाशित करवाएं: डॉ. राजू
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चंडीगढ़, 8 फरवरी। पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सी.ई.ओ.) डॉ. एस. करुणा राजू ने मंगलवार को दोहराया कि राजनैतिक पार्टियां और चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को अपराधिक पृष्टभूमि सम्बन्धी जानकारी भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित अखबारों और इलैक्ट्रानिक मीडिया में प्रकाशित करवाने के लिए निर्धारित समय गंवाना नहीं चाहिए।
उन्होंने बताया कि अखबारों और टैलिविज़न में चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की अपराधिक पृष्टभूमि का ऐलान करने के लिए पहला इश्तिहार प्रकाशित करने की अंतिम तारीख़ 08 फरवरी, 2022 को समाप्त हो गई है।
भारत निर्वाचन आयोग की हिदायतों अनुसार चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार और सम्बन्धित राजनैतिक पार्टी के लिए तीन बार अखबारों और टैलीविज़नों में उम्मीदवार की अपराधिक पृष्टभूमि का ऐलान करना जरूरी है और नामांकन वापिस लेने के पहले चार दिनों के अंदर पहला इश्तिहार प्रकाशित करना होगा।
डॉ. राजू ने आगे बताया कि शड्यूल अनुसार दूसरा इश्तिहार नामांकन वापिस लेने के 5वें से 8वें दिन के बीच दिया जा सकता है। जबकि, तीसरा इश्तिहार 9वें दिन से प्रचार के आखिरी दिन (चुनाव की तारीख़ से एक दिन पहले) तक दिया जा सकता है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सम्बन्धित राजनैतिक पार्टी और उम्मीदवारों को यह घोषणा पत्र किसी क्षेत्रीय अखबार में 12 फोंट साईज़ में तीन बार उचित जगह पर छपवाना होगा। उन्होंने कहा कि डीएवीपी /ऑडिट ब्यूरो आफ सर्कुलेशन द्वारा बताए रिकार्ड के मुताबिक इश्तिहार 75000 से अधिक सर्कुलेशन वाले कम से कम एक राष्ट्रीय रोज़ाना अखबार में और कम से कम 25000 के सर्कुलेशन वाले राज्य /केंद्र शासित प्रदेश के क्षेत्रीय वर्नाकूलर रोजाना अखबार में क्षेत्रीय भाषा में प्रकाशित होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि टीवी चैनलों द्वारा भी निर्धारित फॉर्मेट में कम से कम सात सेकिंड के लिए प्रातःकाल 8ः00 बजे से रात 10ः00 बजे तक क्षेत्रीय भाषा या अंग्रेज़ी में इसका प्रसारण किया जाये जिससे निर्वाचन आयोग की हिदायतों को यथावत लागू किया जा सके।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो उम्मीदवार दोषी नहीं सिद्ध हुए हैं या उनके विरुद्ध कोई अपराधिक केस लम्बित नहीं है, उनको ऐसे इश्तिहार प्रकाशित करने की ज़रूरत नहीं है। डॉ. राजू ने ज़िला निर्वाचन अफसरों (डी.ई.ओज़) और रिटर्निंग अफसरों (आर.ओज़) को भी हिदायत की कि वह सभी राजनैतिक पार्टियों और उम्मीदवारों पर तीखी नज़र रखें कि वह निर्धारित समय के दौरान अपराधिक पृष्टभूमि सम्बन्धी इश्तिहार प्रकाशित कर रहे हैं या नहीं और इस सम्बन्धी पूरा रिकार्ड रखा जाये।

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