मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रशासनिक सचिवों के साथ की उच्च स्तरीय बैठक

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चंडीगढ़, 24 जनवरी। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आज यहां 100 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की समीक्षा हेतु प्रशासनिक सचिवों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी अधिकारियों को परियोजनाओं का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन इन जनकल्याणकारी परियोजनाओं से लाभान्वित हो सकें।
उन्होंने कहा कि हरियाणा का समग्र विकास सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए सभी चल रही परियोजनाओं के लिए परियोजना मूल्यांकन और समीक्षा तकनीक (पीईआरटी) चार्ट बनाया जाना चाहिए ताकि समयावधि, पूर्ण प्रतिशत और अपेक्षित उद्घाटन तिथि की स्थिति स्पष्ट हो सके।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि वर्तमान में 14 विभागों की 80 से अधिक परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिनमें से आज की समीक्षा बैठक में छह प्रमुख विभागों की 21 परियोजनाएं समीक्षा हेतु रखी गई हैं।
उन्होंने बताया कि 9 जनवरी, 2022 को मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास की गति को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए 100 करोड़ रुपये से अधिक की सभी चल रही परियोजनाओं की समीक्षा करने हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति के गठन को मंजूरी दी थी। इस कमेटी द्वारा लगभग 12 विभागों की कई समीक्षा बैठकें की जा चुकी हैं और जल्द ही बाकी विभागों की भी बैठक होगी। इसके अलावा, जो परियोजनाएं अंतरविभागीय हैं, ऐसी परियोजनाओं के लिए आगामी दिनों में मुख्यमंत्री व्यक्तिगत रूप से समीक्षा बैठक करेंगे।
मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि वर्तमान में 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली दो बड़ी परियोजनाएँ हैं। सेक्टर-23, पंचकूला में लगभग 133 करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) की स्थापना और लगभग 128 करोड़ रुपये की लागत से पीपीपी मोड पर सोनीपत के गांव किलोड़हद में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) की स्थापना का कार्य विभाग द्वारा किया जा रहा है।
निफ्ट की स्थापना के बारे में जानकारी देते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद मोहन शरण ने बताया कि सिविल कार्य पूरा हो चुका है। अन्य उपकरणों व सामग्री के लिए टेंडर किए जा चुके हैं और प्रोजेक्ट को मार्च के अंत तक पूरा करना संभावित है। उन्होंने बताया कि आईआईआईटी की स्थापना के संबंध में भवन का नक्शा तैयार किया जा चुका है और परियोजनाओं को शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस आईआईआईटी में लगभग 20 प्रतिशत सीटें हरियाणा के छात्रों के लिए आरक्षित हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आईआईआईटी के निर्माण कार्य को क्रियान्वित करते समय गुणवत्ता और तय समय में पूरा करने पर जोर दिया जाए।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की 338 करोड़ रुपये से अधिक की तीन परियोजनाओं की समीक्षा
मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि लगभग 235 करोड़ रुपये की लागत से सेक्टर-9, एचएसवीपी, फतेहाबाद में 200 बिस्तरों वाले अस्पताल के निर्माण के लिए एचएसवीपी ने भूमि उपलब्ध कराई है और जल्द ही इसके लिए निविदाएं मांगी जाएंगी। बैठक में बताया गया कि फरीदाबाद के सिविल अस्पताल में 103 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले मातृ एवं शिशु अस्पताल ब्लॉक के निर्माण के लिए शीघ्र ही टेंडर निकाले जाएंगे और निर्माण कार्य का निष्पादन भी जल्द से जल्द किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन जिलों में मेडिकल कॉलेज नहीं हैं या जहां सिविल अस्पतालों को अभी तक 100 बिस्तर से 200 बिस्तरों में अपग्रेड नहीं किया गया है, उनका पूरा विवरण तैयार किया जाए। आयुष विभाग के महानिदेशक डॉ. साकेत कुमार ने बताया कि 475 करोड़ की लागत से कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र की स्थापना का कार्य जारी है और तेज गति से परियोजनाओं को पूरा किया जाएगा।

पीपीपी मोड पर बना हरियाणा का पहला बस टर्मिनल इस साल तक होगा शुरू
एनआईटी फरीदाबाद में 125 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पीपीपी मोड पर प्रदेश के पहले बस टर्मिनल के निर्माण के संबंध में परिवहन विभाग के प्रधान सचिव श्री नवदीप सिंह विर्क ने बताया कि बस टर्मिनल को इसी वर्ष चालू कर दिया जाएगा। बैठक में चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती जी. अनुपमा ने बताया कि लगभग 761 करोड़ रुपये की लागत पंडित दीन दयाल उपाध्याय स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, कुटैल, करनाल का कार्य तेज गति से चल रहा है। उन्होंने बताया कि 598 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय मेडिकल कॉलेज कोरियावास नारनौल, 535 करोड़ रुपये की लागत से सरकारी मेडिकल कॉलेज, भिवानी, 663 करोड़ रुपये की लागत से सरकारी मेडिकल कॉलेज, जींद, 172 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय डेंटल कॉलेज, नल्हड़, नूंह तथा 373 करोड़ रुपये की लागत से कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज, करनाल में नए भवन का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
जी अनुपमा ने बताया कि वर्तमान में राज्य में छह नर्सिंग कॉलेजों, एक कैथल (धेर्दु) में, एक कुरुक्षेत्र (खेड़ी राम नगर) में, एक पंचकूला (खेड़ावाली) में, दो फरीदाबाद (औरा, दयालपुर) और एक रेवाड़ी (कोसली) में, का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति तथा उपकरण की खरीद प्रक्रिया को भी क्रियान्वित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि सभी नर्सिंग कॉलेजों की मैपिंग की जाए और इन कॉलेजों में दाखिले तथा पास आउट प्रतिशत का विवरण तैयार किया जाए। इसके अलावा उन्होंने नर्सिंग पेशे को संवेदनशील व ड्यूटी के प्रति अधिक जवाबदेह बनाने के लिए विशेष कार्यक्रम तैयार करने की संभावनायें तलशाने के भी निर्देश दिए।

रैनीवैल परियोजनाओं की निगरानी के लिए एक समिति गठित की जाए
जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग द्वारा क्रियान्वित की जा रही सात परियोजनाओं के बारे में प्रधान सचिव ए. के. सिंह ने बताया कि जिला चरखी दादरी के निमेर बदेसरा में 35 गांवों में नहर आधारित जलापूर्ति योजना की डीपीआर बन गई है और आगे का कार्य तेजी से चल रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेशभर में चलाई जा रही रैनीवैल परियोजनाओं की निगरानी के लिए एक समिति गठित की जाए। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया जाए कि पेयजल का उपयोग सिंचाई के लिए नहीं किया जाए और पेयजल आपूर्ति प्रणालियों के अवैध दोहन पर भी नजर रखी जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि जिन जिलों में जल जीवन मिशन का शत-प्रतिशत कार्य चुका है, वहां टोल फ्री नंबर जारी किया जाए ताकि लोग बता सकें कि उन्हें नल के माध्यम से पेयजल की पहुंच सुनिश्चित हो रही है या नहीं। ए. के. सिंह ने बताया कि फिरोजपुर झिरका और नगीना ब्लॉक के 80 गांवों में पेयजल आपूर्ति योजना तथा अटबा में यमुना मैदान में रैनीवैल और जिला नूंह में पाइप लाइन के निर्माण कार्य पूर्ण होने से लगभग 4 लाख आबादी लाभान्वित होने की उम्मीद है। इसी प्रकार, अटेली तहसील, महेंद्रगढ़ के 61 गांवों के लिए भालखी में जलापूर्ति योजना (नहर आधारित) वाटरवर्क्स और सतनाली खंड, महेंद्रगढ़ के 25 गांवों के लिए नहर आधारित जलापूर्ति योजना से क्रमशः 1.75 लाख और 1 लाख की आबादी को लाभ होगा।
बैठक में जिला पलवल के पृथला एवं पलवल खंड के 84 गांवों में गुणवत्ता प्रभावित 84 गांवों में पेयजल आपूर्ति योजना में तथा नगीना एवं पिंगवान खंड के 52 गांवों एवं 5 ढाणियों में जलापूर्ति की स्थिति के बारे में भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया।

नौवीं से बारहवीं कक्षा के छात्रों को मुफ्त टैबलेट का वितरण जल्द ही किया जाएगा शुरू
स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव महावीर सिंह ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि स्कूलों के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की खरीद का टेंडर हो चुका है। इसके अलावा, नौवीं से बारहवीं कक्षा के छात्रों को नि:शुल्क टेबलेट उपलब्ध कराने के संबंध में टैबलेट खरीद का कार्य जल्द पूर्ण कर लिया जाएगा और जल्द ही टैबलेट का वितरण शुरू किया जाएगा।
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव डी.एस. ढेसी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और वित्त आयुक्त पी. के. दास, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टी.वी.एस.एन. प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी. उमाशंकर, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव तथा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक डॉ. अमित अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

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