दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान कपूरथला आश्रम में लोहड़ी का त्योहार मनाया गया

कपूरथला, 14 जनवरी। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान कपूरथला आश्रम में लोहड़ी का त्योहार संस्थान द्वारा चलाए जा रहे प्रकल्प “संतुलन”-बेटा बेटी एक समान के अंतर्गत मनाया गया। जिस के बारे में बताते हुए आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी गुरप्रीत भारती ने कहा के भले ही शिक्षित स्तर पर हमारा समाज जागरूक हो गया हो बेटा और बेटी में कोई भेद नहीं जैसे विचार भी रख रहा हो परंतु क्या जीवन के धरातल पर ये बातें लागू कर पाए बेटियां आज भी माता पिता के लिए बोझ है। इसका कारण हमारे समाज की मात्र एक कुरीति दहेज ही नहीं बल्कि पुरुष समाज की मलिन दृष्टि भी है जिस के कारण माता पिता बेटियों को सुरक्षित नहीं मानते इसमें मात्र पुरुष समाज नही आज नारी भी अपने भारतीय संस्कारों को भूलती जा रही है। जिस ने अपने जीवन में भौतिकता की चमक दमक को तो अपना लिया है किंतु अपने नारायणी रूप को खो रही है संस्थान का “संतुलन”प्रकल्प समाज में बेटा और बेटी में संतुलन बनाने का प्रकल्प है। जिस में बेटा बेटी की जन्म दर को ही बराबर नहीं बल्कि संस्कारों को भी एक समान रूप देना है इतना ही नही बेटा और बेटी को भारतीय संस्कृति के मूल ब्रह्मज्ञान द्वारा आध्यात्मिक रूप से सक्षम करना है आत्मबल होगा तो ही शारीरिक बल और मानसिक बल मिल सकता है।
उन्हों ने कहा के लोहड़ी पर जलाई जाने वाली अग्नि सतगुरु द्वारा हमारे अंदर ब्रह्मज्ञान द्वारा प्रगट ज्ञान की अग्नि की द्योतक है जिस में शिष्य ध्यान साधना द्वारा अपने कर्मो को ज्ञान की आग में डाल कर स्वाहा करता है। इस दौरान साध्वी हरिप्रीता भारती जी एवं साध्वी रमन जी ने सुमधुर भजन संकीर्तन कर श्रद्धालुओं को झूमने के लिए विवश कर दिया। साध्वी जी ने बताया के प्रकृति के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए गाय के गोबर के उपलों से लोहड़ी जलाई गई।

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