चंडीगढ़, 12 जनवरी। हरियाणा के चिकित्सा शिक्षा मंत्री अनिल विज ने कहा कि राज्य सरकार ने नर्सिंग नीति को मंजूरी प्रदान कर दी है और यह नीति गत एक जनवरी, 2022 से लागू हो गई है।
विज गत देर सांय यहां चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि इस नीति के तहत नर्सिंग कॉलेज के पास 100 बेड का अपना अस्पताल होना चाहिए या नर्सिंग कॉलेज की 10 किलोमीटर की परिधि में कॉलेज एनएबीएच अस्पताल से मान्यता प्राप्त होना चाहिए। इसके अलावा, मान्यता प्राप्त नर्सिंग कालेज में पढने वाले छात्रों की बायोमीट्रिक उपस्थिति का प्रावधान भी होना चाहिए।
बैठक के दौरान विज ने कहा कि हमें अपने मेडिकल कॉलेजों को इस प्रकार से तैयार करना होगा कि वे गंभीर मरीजों को भर्ती करने में सक्षम हों और उनका उपचार इन कॉलेजों में हो सके, इसके लिए वहां पर आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ निपुण व गुणवत्तापरक सेवा देने वाले कर्मियों को रखना होगा।
पीजीआईएमएस, रोहतक में कैंसर इत्यादि बीमारी का पता लगाने के लिए भी स्थापित होगी जीनोम सीक्वेंस मशीन-विज
बैठक के दौरान कोरोना संक्रमण के संबंध में चर्चा व विचार-विमर्श भी किया गया और जीनोम सिक्वेसिंग मशीन को पीजीआईएमएस, रोहतक में कैंसर व इत्यादि बीमारियों की जानकारी हासिल करने के लिए स्थापित करने की चर्चा की गई तो, इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पीजीआईएमएम, रोहतक में एक और जीनोम सिक्सवेंसिग मशीन को भी स्थापित किया जाए ताकि कोरोना के अलावा अन्य बीमारियों के लिए जीनोम का सिक्वेंस का पता किया जा सके।
ऐसे ही, साकेत अस्पताल, पंचकूला की फीजियोथेरेपी यूनिट करनाल में शिफ्ट की जाएगी और अस्पताल का स्वास्थ्य विभाग अधिग्रहण करेगा क्योंकि साकेत अस्पताल स्वयं से संचालित करने में सक्षम नहीं हैं।
इसी प्रकार, बैठक में बताया गया कि गत दिनों सुशासन दिवस के अवसर पर हरियाणा चिकित्सा शिक्षा विभाग को मेडिकल कॉलेजों में 100 बेड के क्रिटिकल कोविड केयर सेंटर बनाने लिए पुरस्कृत भी किया गया। बैठक में चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रधान सचिव जी अनुपमा, निदेशक डा. शालीन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
