स्वच्छता मैप पर दर्ज करवाएं शिकायत, 24 घंटे में होगा समाधान: डॉ. चौहान

Spread the love

करनाल, 10 जनवरी। सफाई से संबंधित जनसमस्याओं के निराकरण के लिए लोगों को स्वच्छता मैप पर अपनी शिकायत दर्ज करवानी चाहिए। इस पर दर्ज कराई गई शिकायत का 24 घंटे के भीतर निराकरण होता है। यह विभाग की ओर से तैयार कराया गया एक एंड्राइड ऐप है। समस्या के निराकरण के बाद उस स्थान का फोटो इस ऐप पर अपलोड कर दिया जाता है। यह जानकारी हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष एवं भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने रेडियो ग्रामोदय के लाइव कार्यक्रम में दी। उन्होंने स्वच्छता मैप नाम के ऐप का लोगों से ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने की अपील की। ग्रंथ अकादमी उपाध्यक्ष रेडियो ग्रामोदय के लाइव कार्यक्रम में असंध के एसडीएम मनदीप कुमार से बातचीत कर रहे थे।
असंध शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए क्या-क्या उपाय किए गए हैं? डॉ. चौहान के इस सवाल का जवाब देते हुए एसडीएम मनदीप कुमार ने बताया कि असंध के नगरपालिका क्षेत्र में सफाई व्यवस्था सुचारू तरीके से जारी है। कूड़े का डोर टू डोर कलेक्शन होता है और रात्रि में भी सफाई का काम किया जाता है। उन्होंने बताया कि यदि किसी को सफाई से संबंधित कोई समस्या हो, तो समस्या वाले स्थल का फोटो खींचकर स्वच्छता ऐप पर अपलोड किया जा सकता है। इसके अलावा कोई अन्य समस्या भी हो तो इस ऐप पर उसकी सूचना दी जा सकती है।
युवा उपमंडल अधिकारी मनदीप कुमार से सहमति जताते हुए डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि लोगों को समस्याओं की शिकायत की आदत डालनी चाहिए। सबसे पहले उन्हें समस्याओं को पहचानना होगा और संबंधित अधिकारियों को इससे अवगत भी कराना होगा। डॉ. चौहान ने लोगों से स्वच्छता ऐप को अपने मोबाइल में डाउनलोड करने की अपील करते हुए कहा कि इस ऐप का अधिक से अधिक उपयोग करें। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों तक पहुंचने के लिए तमाम ऑनलाइन माध्यम उपलब्ध हैं जिनका सहारा लिया जा सकता है।
डॉ. चौहान ने मनदीप कुमार से पूछा कि जनसमस्याओं को लेकर आम जनता उनसे किन-किन माध्यमों से संपर्क कर सकती है? इस पर एसडीएम ने बताया कि वह प्राय: मुख्यालय में ही रहते हैं। अपनी समस्याएं लेकर कोई कभी भी उनके कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उनसे मिल सकता है या अपनी समस्याएं ईमेल के माध्यम से भेज सकता है।
गांव राहड़ा के आसपास जलभराव की समस्याओं के बारे में डॉ. चौहान द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में मनदीप कुमार ने बताया कि यह समस्या संबंधित बीडीपीओ के पास कार्रवाई के लिए भेज दी गई है। जलभराव वाले क्षेत्रों का उन्होंने खुद भी दौरा कर सिंचाई विभाग को रिचार्ज वेल बनाने के लिए कहा है। इसके अलावा गांव के तालाब से ओवरफ्लो होने वाले पानी को निकालने के लिए भी सिंचाई विभाग से कहा गया है। बल्ला, राहडा और चोचड़ा आदि गांवों में जलभराव की समस्या की निगरानी वह खुद कर रहे हैं।
डॉ. चौहान ने मनदीप कुमार से पूछा कि प्रशासनिक सेवा में जाने का विचार उनके मन में सर्वप्रथम कब आया था? इस पर मनदीप ने बताया कि जब वह 11वीं कक्षा में पढ़ते थे तभी प्रशासनिक सेवा में जाने का फैसला कर लिया था। इसमें उन्हें अपने परिवार, शिक्षकों और दोस्तों से काफी सहयोग मिला। मनदीप कुमार ने बताया कि वह एक मध्यमवर्गीय किसान परिवार से आते हैं और उनके पिता खेती करते हैं। माता-पिता ने उन्हें पढ़ाने-लिखाने में कोई कसर बाकी नहीं रखी और दोस्तों व शिक्षकों से भी मार्गदर्शन मिलता रहा।
डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि एक ऐसा दौर भी लंबे समय तक कायम रहा जब बिना लेनदेन के कोई भी सरकारी नौकरी नहीं मिलती थी और प्रशासनिक सेवाओं में चयन होना तो काफी मुश्किल था। प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद से नियुक्ति में पारदर्शिता का सिलसिला शुरू हुआ है। उन्होंने मनदीप से पूछा कि क्या उन्हें भी इस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा? इस पर एसडीएम मनदीप कुमार ने कहा कि उन्होंने परीक्षा के लिए काफी कड़ी मेहनत की थी और पहले प्रयास में ही उनका चयन हो गया था। साक्षात्कार देने के बाद घर पहुंचते-पहुंचते उन्हें अपने चयन की सूचना मिल गई थी। इसलिए उन्हें लेन-देन जैसे बुरे दौर का कोई अनुभव नहीं है। उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने के इच्छुक युवाओं को सलाह देते हुए कहा कि कड़ी मेहनत रंग लाती ही है। यदि वह लक्ष्य बनाकर सही तरीके से परीक्षा की तैयारी करें तो सफलता उनके कदम चूमेगी।
क्षेत्र में कोरोना के बढ़ते मामलों पर रोकथाम लगाने संबंधी उपायों के बारे में पूछे जाने पर एसडीएम मनदीप कुमार ने बताया कि कोरोना फैलने से रोकने के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। स्वास्थ्य कर्मचारियों की टीमें जगह-जगह जाकर लोगों को खतरे से सचेत कर रही हैं, कोरोना प्रोटोकॉल का पालन न करने वाले लोगों के चालान किए जा रहे हैं और व्यापक पैमाने पर टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। सरकारी और निजी स्कूलों में 15 से 18 वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण किया जा रहा है। असंध और करनाल के क्षेत्रों में करीब 90% लोगों को टीके की पहली डोज दे दी गई है और 70% से ज्यादा लोगों को टीके की दोनों डोज लगाई जा चुकी है। मनदीप कुमार ने बताया कि आम नागरिकों के अलावा व्यवसायिक परिसरों के मालिकों को भी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने की हिदायत दी गई है। लोगों के दस्तावेज जांचे जा रहे हैं और इस कार्य में सामाजिक संस्थाओं की भी मदद ली जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *