चंडीगढ़, 28 दिसंबर। विश्व हिन्दू परिषद पंजाब के प्रचार परसार प्रमुख सुरेश राणा ने जानकारी देते हुए बताया कि स्वामी अतुल कृष्ण जी महाराज,प्रांत कार्याध्यक्ष हरप्रीत गिल, उपाध्यक्ष कर्नल धर्मवीर, धर्म प्रसार प्रमुख सुतीक्षण अबरोल, सह धर्म प्रसार प्रमुख तजिन्दर सिंह नामधारी पंजाब के गवर्नर बनवारी लाल परोहित से मिले और पंजाब में हो रहे धर्मांतरण पर रोक लगाने हेतु एवम क़ानून बनाने हेतु महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया जो कि इस प्रकार है देश में ईसाई मिशनरियों तथा मुस्लिम मौलवियों द्वारा दीर्घकाल से किए जा रहे अवैध धर्मांतरण को रोकने के लिए एक कठोर केन्द्रीय कानून बनाने की प्रबल आवश्यकता है।विगत में संविधान सभा के सदस्यों ने भी मतान्तरण की बढ़ती गतिविधियों के प्रति समय-समय पर चिंता व्यक्त करते हुए इन्हें रोकने के लिये केन्द्रीय कानून बनाने की आवश्यकता पर विचार व्यक्त किये थे। उस समय संविधान निर्माताओं ने आवश्यकता पड़ने पर कानून बनाने का आश्वासन भी दिया था।
मतांतरण की गतिविधियों के अध्ययन के लिये गठित नियोगी आयोग तथा वेणूगोपाल आयोग ने भी ऐसा कानून बनाने की आवश्यकता पर बल दिया था। सरला मुदगिल-प्रकरण में तो माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने इस विषय में स्पष्ट निर्देश दिये थे।सम्पूर्ण विश्व में भारत की पहचान हिन्दू जीवन मूल्यों से होती है। मतांतरण के कारण भारत का जनसांख्यिकीय स्वरूप तथा अस्मिता संकटग्रस्त हैं। इससे जुड़े हुए अनेक आपराधिक षड्यन्त्र इन दिनों उजागर हुए हैं। एक षड्यंत्र तो मूक बधिर बच्चों को मतांतरित कर मानव बम के रूप में दुरुपयोग की आशंका भी व्यक्त की जा रही है।
लव जिहाद के परिणाम स्वरूप हिन्दू कन्याओं के शोषण तथा हत्या के समाचार निरंतर मिल रहे हैं। विषय की गंभीरता का संज्ञान लेते हुए विगत कुछ वर्षों में 11 राज्यों में अवैध मतांतरण के विरुद्ध अधिनियम बनाए गए हैं, किन्तु इस राष्ट्रव्यापी षड्यंत्र को गंभीरता को देखते हुए अवैध
मतांतरण की राष्ट्रविघातक गतिविधियों पर पूर्णतः रोक लगाने लिये कठोरतम केन्द्रीय कानून बनाने की आवश्यकता है।
वर्तमान केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय महत्व के कई विषयों पर उल्लेखनीय कदम उठाए हैं। हमें विश्वास है कि इस विषय पर भी यह सरकार आवश्यक कार्यवाही अवश्य करेगी। आपसे विनम्र निवेदन है कि आप इस संबंध में कानून बनाने लिए केंद्र सरकार से अनुशंसा करने की कृपा करें।
