पवित्र ग्रंथ गीता पूजन से आज होगा अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आगाज

चंडीगढ़, 8 दिसंबर। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2021 का आगाज आज पवित्र ग्रंथ गीता पूजन से होगा। इस बार गीता जयंती का पर्व 14 दिसंबर को मनाया जाएगा और इस पर्व से पहले 9 दिसंबर को ब्रह्मसरोवर के पुरुषोतमपुरा बाग में पवित्र ग्रंथ गीता पूजन, ब्रहम्सरोवर पूजन और गीता यज्ञ में पूर्ण आहुति का कार्यक्रम सुबह करीब 11.15 बजे होगा। इस महोत्सव का आगाज करने के लिए हरियाणा के राज्यपाल बंडारु दतात्रेय, गुजरात के राज्यपाल आचार्य डॉ. देवव्रत आर्य पहुंचेंगे। इस उद्घाटन कार्यक्रम में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद, हरियाणा के पर्यटन एवं शिक्षा मंत्री श्री कंवर पाल, हरियाणा के खेल एवं युवा मामले मंत्री संदीप सिंह, जरनल जीडी बख्शी, सांसद नायब सिंह सैनी, विधायक सुभाष सुधा भी शिरकत करेंगे।
सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2021 का सरस और शिल्प मेला 2 दिसंबर से शुरु हो चुका है और इस महोत्सव का विधिवत रुप से शुभारंभ 9 दिसंबर को होगा तथा महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम 14 दिसंबर गीता जयंती के पर्व तक चलेंगे। हालांकि सरस और शिल्प मेला 19 दिसंबर तक चलेगा। इस महोत्सव के शुभारंभ की तैयारियां ब्रह्मसरोवर पुरुषोतमपुरा बाग में की जा रही है। इस महोत्सव मंर 9 दिसंबर को सुबह 10 बजे गीता जन्म स्थली ज्योतिसर में श्रीमद्भगवद गीता का सम्पूर्ण पाठ होगा। इसके उपरांत 11.15 बजे पुरुषोतमपुरा बाग ब्रह्मसरोवर में गीता यज्ञ और गीता पूजन, दोपहर 12 बजे के बाद कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के श्रीमद्भगवद गीता सदन में अंतरराष्ट्रीय गीता संगोष्ठि का आयोजन होगा। सायं 5 बजकर 30 मिनट पर पुरुषोतमपुरा बाग ब्रह्मसरोवर बाग में महा आरती और सायं 6 बजे आजादी का अमृत महोत्सव को लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
महोत्सव में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार के आयोजन की जिम्मेवारी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपी गई है। यह सेमिनार 3 दिन तक चलेगा। इसके अलावा 12 दिसंबर को संत सम्मेलन, 12 से 14 दिसंबर तक गीता जन्मस्थली ज्योतिसर में संपूण गीता पाठ, 14 दिसंबर को वैश्विक गीता पाठ, 19 दिसंबर तक भजन संध्या व प्रादेशिक व्यंजनों के साथ-साथ हरियाणा पेवेलियन भी आकर्षण का केन्द्र बनेंगे। उन्होंने कहा कि 9 से 14 दिसंबर तक पुरुषोतमपुरा बाग में 48 कोस कुरुक्षेत्र प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, गीता पुस्तक मेला, राज्यस्तरीय प्रदर्शनी का आयोजन होगा और 14 दिसंबर को दीपोत्सव और 48 कोस तीर्थ सम्मेलन भी मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *