पंजाब कृषि विभाग ने डीएपी आपूर्ति में घोटाला करने के दोष में 12 फर्मों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज, लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू

चंडीगढ़, 15 नवंबर। डीएपी की अधिक कीमत, जमाखोरी और टैगिंग सम्बन्धी सख़्त कार्रवाई करते हुए पंजाब के कृषि विभाग द्वारा कथित रूप से अधिक कीमत वसूलने, सब्सिडी वाले यूरिया को औद्योगिक उद्देश्यों के लिए बरतने, अन्य उत्पादों की टैगिंग और अनाधिकृत बिक्री प्वाइंटों से उर्वरकों की बिक्री में शामिल 12 फर्मों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए पंजाब के कृषि मंत्री रणदीप सिंह नाभा ने बताया कि मैसर्ज मंड खाद स्टोर, गाँव दकोहा, ब्लॉक श्री हरगोबिन्दपुर साहिब, मैसर्ज सिद्धू खेती स्टोर, गाँव दकोहा, ब्लॉक श्री हरगोबिन्दपुर साहिब (दोनों जिला गुरदासपुर से सम्बन्धित), मैसर्ज रणजीत पेस्टीसाइड्ज़, गाँव संगोवाल, ब्लॉक नकोदर (जालंधर) के विरुद्ध अधिक कीमत वसूलने के दोष अधीन एफ.आई.आर. दर्ज की गई है और इन फर्मों के लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने आगे बताया कि विभाग ने मैसर्ज विकट्री बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड, ब्लॉक सरदूलगढ़ (मानसा) के विरुद्ध कथित रूप से गलत ब्रांड वाली डी.ए.पी. की बिक्री करने के लिए केस दर्ज किया और फर्म का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया जारी है।
नाभा ने बताया कि मैसर्ज राम मूर्ति गुप्ता एंड सन्ज़ फिल्लौर (जालंधर) के विरुद्ध कथित रूप से औद्योगिक उद्देश्यों के लिए सब्सिडी वाली यूरिया का प्रयोग करने के दोष में एफआईआर दर्ज की गई और लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने आगे बताया कि मैसर्ज थूहा पेस्टीसाइड्ज़ एंड सीड स्टोर, ज़ीरकपुर (एस.ए.एस. नगर) को कथित रूप से डीएपी के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग करने में शामिल पाया गया और फर्म के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करके लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि मैसर्ज चुघ्घ खाद भंडार, जलालाबाद, मैसर्ज चुघ्घ ट्रेडिंग कंपनी, जलालाबाद, मैसर्ज चुघ्घ खाद स्टोर, जलालाबाद, मैसर्ज भाटा को-ऑपरेटिव फ़्रूट एंड वैजीटेबल प्रोसेसिंग सभा, जलालाबाद और मैसर्ज अजय ट्रेडिंग कंपनी, जलालाबाद को कथित रूप से जमाखोरी में शामिल पाया गया है। इन फर्मों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है और कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं।
कृषि मंत्री ने बताया कि मैसर्ज जिंदल एजेंसी गिद्दड़बाहा (श्री मुक्तसर साहिब) द्वारा भी अनाधिकृत बिक्री प्वाइंट्स से खाद की बिक्री की गई है। इसलिए फर्म के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है और कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि डी.ए.पी. की जमाखोरी/कालाबाजारी के विरुद्ध कार्रवाई न करने वाले पटियाला के कृषि अधिकारी के विरुद्ध भी प्रशासनिक कार्रवाई आरंभ की गई है।

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