फोर्टिस हॉस्पिटल ने भारतीय हॉकी टीम के 2 खिलाड़ियों का किया इलाज, उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में किया सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

चंडीगढ़, 7 सितंबर। फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली के ऑर्थोपेडिक्स विभाग के डॉक्टरों ने डॉ.मनित अरोड़ा, कंसल्टेंट, ऑर्थोपेडिक्स एंड स्पोर्ट्स मेडिसिन, फोर्टिस हॉस्पिटल मोहाली के नेतृत्व में भारतीय हॉकी टीम के उप-कप्तान और ड्रैग फ्लिकर सेंसेशन हरमनप्रीत सिंह और फॉरवर्ड खिलाड़ी गुरजंट सिंह का सफल इलाज किया, जिससे वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें। इसके साथ ही उन्होंने अपनी पूरी क्षमता के साथ अपनी टीम के साथ हॉकी के मैदान में शानदार खेल दिखाया और 5 अगस्त को टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीत कर भारत लाए।
हॉकी टीम के उप-कप्तान हरमनप्रीत सिंह के घुटने के जोड़ के आसपास सूजन के साथ-साथ ही उनके घुटनों में बहुत दर्द था, जिससे मैदान पर उनका प्रदर्शन काफी हद तक सीमित हो गया था। उन्होंने जुलाई 2020 में फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली में डॉ मनित अरोड़ा से संपर्क किया। उनके घुटनों पर किए गए एक एमआरआई से पता चला कि वह एसीएल की चोट से पीड़ित थे। एसीएल एक टिश्यू है जो घुटने पर जांघ की हड्डी (फीमर) को पिंडली (टिबिया) से जोड़ता है। एसीएल चोट एक टियर या मोच है जो घुटने में एसीएल के अधिक फैलाव या उसके फटने का कारण बनती है।
मनित अरोड़ा ने कहा कि ‘‘एंटीरियर क्रूसिएट (एसीएल) की चोट घुटने की एक बहुत ही सामान्य चोट है। इसमें पीड़ित को दर्द काफी अधिक होता है और इसने कई खिलाड़ियों के करियर को प्रभावित किया है। यह आमतौर पर हॉकी, फुटबॉल, वॉलीबॉल और बास्केटबॉल जैसे खेल खेलने वाले खिलाड़ियों में पाया जाता है। एसीएल की चोटों के इलाज के लिए कई उपचार विकल्प उपलब्ध हैं और अधिकांश खिलाड़ी छह महीने की अवधि में ठीक हो जाते हैं।
बाद में डॉ मनित अरोड़ा के नेतृत्व में डॉक्टरों की एक टीम ने हरमनप्रीत का ऑपरेशन किया। फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली में रीहैब (पुनर्वास) के बाद, हरमनप्रीत पिछले साल दिसंबर में पांच महीने की अवधि में राष्ट्रीय टीम शिविर में वापसी करने में सक्षम था। नई ताकत के साथ हरमनप्रीत ने ओलंपिक में भारत की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली में उच्च गुणवत्ता वाले उपचार के लिए दिल से प्रशंसा करते हुए, हरमनप्रीत ने कहा कि ‘‘मेरे घुटने के लिगामेंट में चोट थी और मैंने फोर्टिस मोहाली में डॉ.मनित अरोड़ा से संपर्क किया। सर्जरी के बाद, मेरी हालत में काफी सुधार हुआ और मैं अपनी खेलने की पूरी क्षमता तक पहुंचने में सक्षम हो गया। इससे मुझे ओलंपिक में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिली।’’
फॉरवर्ड खिलाड़ी गुरजंट सिंह को जांघ के अंदरूनी हिस्से में दर्द और सूजन के साथ चलने में दिक्कत हो रही थी। उन्होंने पिछले साल फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली में डॉ मनित अरोड़ा से संपर्क किया था। एक एमआरआई से पता चला कि उन्हें ग्रोइन इंजरी और स्पोर्ट्स हर्निया था। ग्रोइन इंजरी जांघ की किसी एडिक्टर मसल्स में चोट लगने या फटने के कारण होती है। एक स्पोर्ट्स हर्निया पेट के निचले हिस्से या कमर के क्षेत्र में किसी भी नरम टिश्यू (ऊतक) (मांसपेशियों, टेंडन, लिगामेंट) में खिंचाव या टियर यानि फटना है। डॉ.अरोड़ा के नेतृत्व में डॉक्टरों की एक टीम ने गुरजंट का इलाज किया। उपचार के बाद, उन्होंने उल्लेखनीय सुधार दिखाया और पांच महीने बाद वे पूरे दमखम के साथ खेल के मैदान पर लौटने में सक्षम हो गए।
फोर्टिस अस्पताल मोहाली में उपचार की लाइन से पूरी तरह से संतुष्ट गुरजंट सिंह ने कहा कि ‘‘डॉ.अरोड़ा ने मेरे जैसे कई हॉकी खिलाड़ियों को अपनी अलग अलग तरह की चोटों से उबरने में मदद की है और इससे मुझे अपनी टीम और देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिली है।’’

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